संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। जिला नागरिक अस्पताल में पिछले एक सप्ताह से ई-उपचार सेवा बंद है। इससे मरीजों और कर्मचारियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। दरअसल अस्पताल में सभी डिजिटल सेवाएं ठप हैं। ऐसे में ओपीडी स्लिप, एक्स-रे और लैब रिपोर्ट मैन्युअल तरीके से बनाई जा रही हैं।
नतीजा, मरीजों को लंबी कतारों में घंटों खड़ा होना पड़ रहा है। इस वजह से लोग बाहर निजी अस्पताल में इलाज करवा रहे हैं। कर्मचारियों के अनुसार, मुताबिक कंप्यूटरों की बैटरियां खराब हो चुकी हैं। यूपीएस बैकअप न होने से कंप्यूटर बार-बार बंद हो जाते हैं। इससे कर्मचारियों को अतिरिक्त समय तक काम करना पड़ रहा है। पहले कंप्यूटर पर कुछ सेकेंड में ओपीडी स्लिप बन जाती थी। अब मैन्युअल तरीके से एक स्लिप बनाने में दो से तीन मिनट का समय लग रहा है। इससे मरीजों की जांच में भी देरी हो रही है।
ऑनलाइन सेवाओं के बंद होने से ओपीडी की संख्या में भी भारी गिरावट आई है। जहां पहले रोजाना 1300 से 1400 मरीजों की ओपीडी होती थी, अब मरीजों की संख्या घटकर एक हजार से भी कम हो गई है। लंबी लाइन और देरी के कारण कई मरीज निजी अस्पतालों में इलाज करवाने को मजबूर हो रहे हैं, जिससे उन्हें अतिरिक्त आर्थिक बोझ उठाना पड़ रहा है।
ओपीडी स्लिप काटने वाले कर्मचारियों को दो घंटे की अतिरिक्त ड्यूटी करनी पड़ रही है। पहले जहां मरीज की डिटेल कंप्यूटर में डालकर पर्ची निकालनी होती थी, अब मैन्युअल पर्ची बनाने के बाद उसकी एंट्री रजिस्टर में करनी पड़ रही है। इसके अलावा ओपीडी स्लिप कोड भी मैन्युअल तरीके से ही भरना पड़ रहा है। ऑनलाइन सिस्टम ठप होने के कारण एक्स-रे और लैब रिपोर्ट भी ऑनलाइन उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं।
दूसरी ओर इमरजेंसी में भी मरीजों की पर्चियां मैन्युअल तरीके से ही काटी जा रही हैं, जिससे गंभीर मरीजों को भी इंतजार करना पड़ रहा है।
सर्वर की समस्या के कारण यह समस्या आ रही है और इसे जल्द ठीक करने के निर्देश दे दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि 56 कंप्यूटर बैटरियों की खरीद की प्रक्रिया भी जारी है। -सचिन मांडले, प्रधान चिकित्सा अधिकारी