संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। गर्मी बढ़ने के साथ ही आंखों से जुड़ी बीमारियों के मरीजों की संख्या में बढ़ रही है। अस्पतालों की ओपीडी में रोजाना करीब 70 मरीज आंखों की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं।
चिकित्सक कविता गोयल ने बताया कि इस मौसम में संक्रमण का खतरा अधिक रहता है, जिससे आंखों में बिलनी, खुजली, लालिमा और पानी आने जैसी समस्याएं आम हो गई हैं। डॉक्टरों का कहना है कि गर्मी के मौसम में धूल, पसीना और प्रदूषण आंखों पर बुरा असर डालते हैं। इसके अलावा बच्चे लंबे समय तक मोबाइल, टीवी और अन्य डिजिटल उपकरणों का इस्तेमाल कर रहे हैं। इससे उनकी आंखों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है और कम उम्र में चश्मा लगने की संभावना भी बढ़ रही है।
डॉ. कविता गोयल ने बताया कि आंखों की सुरक्षा के लिए साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें और दिन में कम से कम दो से तीन बार चेहरे को साफ पानी या एंटीबायोटिक साबुन से धोएं। धूप में निकलते समय चश्मा, टोपी या छाते का उपयोग करें। आंखों को बार-बार न छुएं और व्यक्तिगत वस्तुएं साझा करने से बचें। बच्चों को मोबाइल गेम्स से दूर रखकर उन्हें व्यायाम और स्विमिंग आदि के लिए प्रेरित करें। साथ ही घर में लूडो, शतरंज, कैरम खेलने के लिए प्रोत्साहित करें, जिससे उनकी आंखों और मानसिक स्वास्थ्य दोनों को लाभ मिल सके।