जिला अस्पताल में पिछले साल लगाए गए पांच वेंटिलेटर शीघ्र ही मरीजों के लिए उपलब्ध होंगे। इसके लिए स्पोर्टिंग स्टाफ की मंजूरी मिल गई है और इन्हें ज्वाइन करने के आदेश जारी हो चुके हैं। साल भर से ये वेंटिलेटर बंद पड़े थे और इस समय कोरोना संकट में वेंटिलेटर्स की जरूरत पड़ रही है। यह जानकारी डीसी सुजान सिंह ने अमर उजाला से विशेष बातचीत में दी। डीसी ने कोरोना की वर्तमान स्थिति, जिला प्रशासन की कोरोना की लड़ाई में प्लानिंग, उपलब्ध संसाधनों सहित तमाम विषयों पर बातचीत की। जिसमें मुख्य अंश निम्रलिखित हैं।
प्रश्र-जिले में पिछले साल के मुकाबले पूरे देश की तरह से इस समय कोरोना संक्रमण व संक्रमितों मौत का आंकड़ा बढ़ रहा है, इस बार जिला प्रशासन वर्तमान स्थिति को कहां देख रहा है?
उत्तर-देश में जो स्थिति है, कैथल भी उससे अछूता नहीं है। इसी हिसाब से जिला प्रशासन द्वारा तैयारी की गई है। 197 बेडों से बढ़ाकर आरक्षित बेडों की संख्या 277 कर दी गई है। जिला प्रशासन का प्रयास है कि एक ऐसा भवन तलाश किया जाए, जहां एक ही जगह पर 400 बेडों की कोरोना प्रोटोकॉल के अनुसार व्यवस्था हो सके। इसके लिए अधिकारी लगातार भवनों का निरीक्षण कर रहे हैं।
प्रश्र-जिले में कोरोना टेस्टिंग, दवाओं की उपलब्धता और संसाधनों की उपलब्धता की क्या स्थिति है?
उत्तर-जिले में मॉस्क, सैनिटाइजर और दवाओं की कोई कमी नहीं है। कोरोना टेस्टिंग बढ़ा दी गई है। हर रोज करीब 1500 तक सैंपल भेजना शुरू कर दिया गया है। इसीलिए लोग घबराएं न, एकजुट होकर कोरोना से मुकाबला करें। ऑक्सीजन का स्टॉक पूरा है।
प्रश्र-जिले में स्वास्थ्य विभाग में डॉक्टर व अन्य स्टाफ की कमी है, स्वास्थ्य विभाग पर दबाव भी काफी ज्यादा है? इसके लिए क्या तैयारियां हैं?
उत्तर-स्वास्थ्य विभाग पर इस समय भी काफी दबाव है। इसके लिए आईएमए से आग्रह किया गया है कि जरूरत पडऩे पर चिकित्सक व अन्य स्टाफ मुहैया करवाया जाए। इसी दबाव को देखते हुए प्रयास किया जा रहा है कि 400 बेड के अस्थाई अस्पताल के लिए अलग-अलग भवनों की बजाए एक ही भवन में व्यवस्था हो, ताकि अलग-अलग स्टाफ की जरूरत न पड़े।
प्रश्र-साल भर से जिला अस्पताल में वेंटिलेटर लगाने के बावजूद काम में नहीं आ रहे?
उत्तर-अन्य संसाधनों के साथ जिला अस्पताल में पिछले साल 5 वेंटिलेटर लगाए गए थे। अब इन्हें चलाने के लिए स्पोर्टिंग स्टॉफ की मंजूरी व आदेश आ गए हैं। जल्द ही ये काम करने लगेंगे। अभी यह संतोषजनक बात है कि जिले में कोई भी मरीज वेंटिलेटर पर नहीं है। लोग आईसीयू की जरूरत से पहले ही ठीक हो रहे हैं।
प्रश्र-वीकेंड पर लॉकडाउन लग सकता है या फिर ऑड ईवन नियम लागू होगा?
उत्तर-इस बार नया कॉसेप्ट आया है कंटेनमेंट जोन का। जिसमें थोड़े क्षेत्र को मैक्रो कंटेनमेंट जोन बनाकर उसमें आवाजाही पर पूर्ण प्रतिबंध लगाकर सख्ती से इसका पालन किया जाएगा। रात्रि दस से सुबह पांच बजे तक नाइट कर्फ्यू और सांय छह बजे के बाद बाजार पूर्ण रूप से बंद हैं। लोगों से वीकेंड पर लॉक डाउन और ऑड ईवन के नियम से दुकानें खोलने पर सुझाव मांगे हैं। जल्द ही इस संबंध में फैसला लिया जाएगा। इसके लिए विधायक, जिला अध्यक्ष भाजपा सहित मार्केट एसोसिएशंस के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर चर्चा की गई है। जो भी फैसला लिया जाएगा, उसके लिए लोगों को पहले से जानकारी दे दी गई है। उन्हीं के सुझाव अनुसार फैसला लिया जाएगा।
प्रश्र-एक दिन में 300 से ज्यादा पॉजिटिव मामले, आगे क्या तैयारियां हैं?
उत्तर-इस समय संक्रमण की दर काफी ज्यादा है। यदि इससे ज्यादा पॉजिटिव रेट आया तो ओर ज्यादा प्रतिबंध लगाने पड़ेेंगे। लोगों से विनम्र अपील है कि नियमों का पालन करें। बिना वजह घरों से बाहर न घूमें, सामाजिक दूरी रखें। सामाजिक समारोहों को हो सके तो रद्द कर दें, यदि नहीं कर सकते तो संख्या सीमित करते हुए नियमों का पालन करें। दुकानदार दुकानों के बाहर ग्राहकों के खड़े होने के लिए घेरे बनाएं।
प्रश्र-इस बार कोरोना ज्यादा खतरनाक रूप में सामने आया है, लोगों से क्या अपील करते हैं, किस तरह से मुकाबला किया जाए?
उत्तर-लोगों से अपील है कि लोग घबराएं न। पिछली बार जिस तरह से सभी जिलावासियों ने मजबूत होकर महामारी का मुकाबला किया था। इस बार ज्यादा खतरनाक है, तो ज्यादा जिम्मेदारी है। प्रशासन द्वारा प्रतिबंध खुशी के तौर पर नहीं लगाए जाते। आप अपने घर की खुशी के लिए, अपने भविष्य के लिए प्रतिबंधों का पालन करें। कई बार प्रतिबंधों के साथ जीना पड़ता है। मास्क, सैनिटाइजर और सामाजिक दूरी का पालन करेंगे तो निश्चित तौर पर अस्पताल से दूर रहेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, सीएम मनोहर लाल के निर्देशानुसार सरकार की ओर से जो भी निर्देश दिए जा रहे हैं, उनका पालन करें।