जिले में कक्षा छठी से लेकर आठवीं तक के स्कूल कड़े सुरक्षा प्रबंधों के बीच खोले जाएंगे। विद्यार्थियों की कक्षाएं सुबह 9 बजे से लेकर दोपहर 12 बजे तक लगाई जाएंगी। विद्यार्थियों के स्कूलों में आने से पहले विभाग कोरोना से बचाव के प्रबंधों को मजबूत करने में जुटा है। उप जिला शिक्षा अधिकारी कुलदीप सिंह ने बताया कि जिन शिक्षकों ने कोरोना से बचाव के लिए वैक्सीन की दोनों डोज लगवा ली हैं, वे ही बच्चों को पढ़ाने के लिए स्कूलों में आएंगे।
बच्चों के आगमन की तैयारियों में जहां स्कूलों को सैनिटाइज किया जा रहा है, वहीं अन्य जरूरी सुविधाएं स्कूलों में जुटाई जा रही हैं।
शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अभिभावकों से बच्चों को स्कूल में भेजने की अनुमति के बाद एक दिन में केवल 50 प्रतिशत बच्चों की कक्षाएं लगाई जाएंगी। बाकी 50 प्रतिशत बच्चों को दूसरे दिन बुलाया जाएगा। सभी स्कूलों में बच्चों की देखरेख के लिए कमेटियां बनाई गई हैं। बच्चों के कक्षाओं में बैठने के लिए भी केवल एक ही स्थान होगा। जिस बेंच पर बच्चा पहले दिन जाकर बैठेगा, उसी पर रोजाना बैठना होगा। अगर बच्चा घर से खाने या पीने की कोई चीज अपने साथ लेकर आता है तो उसे दूसरे बच्चों के साथ बांटने की अनुमति नहीं है। बच्चे घर से ही पानी की बोतल लेकर आएंगे, लेकिन अगर पानी खत्म हो जाता है तो बच्चे को बोतल भरने की अनुमति होगी।
स्कूल में प्रवेश करते ही बच्चों और शिक्षकों की थर्मल स्कैनिंग की जाएगी। बच्चों को मास्क, सैनिटाइजर व साबुन स्कूलों में ही उपलब्ध करवाए जाएंगे। बच्चों के प्रवेश व निकास के लिए स्कूल के मुख्य द्वार को दो भागों में बांटा गया है। विभाग की टीमें समय-समय पर स्कूलों में जाकर जांच करेंगी। नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र के मोबाइल नंबर भी स्कूलों में नोट करवाए गए हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर सहयोग लिया जा सकें।