कैथल। हनुमान वाटिका में चल रही नारायण सेवा संस्थान, उदयपुर शाखा की श्रीमद्भागवत कथा का दूसरे दिन मंगलवार को भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास के साथ समापन हुआ। कथा सुनाते हुए स्वामी यमुना पुरी महाराज ने कहा कि मन के भावों से की गई भक्ति ही परमात्मा की सच्ची भक्ति है। स्वामी यमुना पुरी महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का मधुर वर्णन करते हुए कहा कि भक्ति नियमों और संस्कारों में नहीं, बल्कि मन की पवित्र भावनाओं में बसती है। जब हृदय करुणा और आस्था से भर जाता है, तभी परमात्मा की प्राप्ति सरल हो जाती है। अंत में विधिवत आरती संपन्न हुई और सभी श्रद्धालुओं को महाप्रसाद वितरित किया गया। संपूर्ण आयोजन की व्यवस्था नारायण सेवा संस्थान, शाखा कैथल की टीम ने अत्यंत समर्पण और अनुशासित तरीके से संभाली। संवाद