संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। लाडो लक्ष्मी योजना के तहत सरकार महिलाओं को 2100 रुपये की राशि दे रही है, लेकिन जिले में बड़ी संख्या में पात्र महिलाएं इस योजना से वंचित हैं। प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार करीब 84 हजार पात्र महिलाओं में से अब तक सिर्फ 44 हजार ने ही पंजीकरण करवाया है।
बची हुई 40 हजार से ज्यादा महिलाएं अभी भी योजना से दूर हैं। पंजीकरण न कराने के पीछे सबसे बड़ा कारण यह बताया जा रहा है कि महिलाएं राशन कार्ड कटने, अन्य सरकारी योजनाओं से वंचित होने और तकनीकी प्रक्रियाओं को लेकर आशंकित हैं। डीसी द्वारा अधिकारियों को पंजीकरण बढ़ाने के निर्देश दिए जाने के बावजूद स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ है।
डीसी प्रीति ने अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि प्रत्येक पात्र महिला तक योजना का लाभ पहुंचना चाहिए। जिन महिलाओं ने अभी तक आवेदन नहीं किया है, उनसे सीधे संपर्क कर मोबाइल एप के माध्यम से पंजीकरण करवाया जाए।
उन्होंने यह भी कहा कि गांवों में विशेष कैंप लगाकर, अतिरिक्त स्टाफ भेजकर और युद्धस्तर पर काम करते हुए पंजीकरण बढ़ाया जाए। पंजीकरण के बाद सत्यापन प्रक्रिया भी समय पर पूरी की जानी चाहिए।
योजना के लिए जरूरी दस्तावेज और पात्रता
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परिवार की वार्षिक आय 1 लाख रुपये से कम हो
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महिला की आयु 23 से 60 वर्ष
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लाभार्थी के नाम से सक्रिय बैंक खाता
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हरियाणा निवासी पुरुष से विवाहित महिलाएं, जो 15 वर्षों से हरियाणा में रह रही हैं
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लाभ डीबीटी के माध्यम से सीधे बैंक खातों में भेजा जाएगा
करीब 50 प्रतिशत कम हुए पंजीकरण
प्रदेश सरकार ने विधानसभा चुनाव से पहले लाडो लक्ष्मी योजना के तहत महिलाओं को हर महीने 2100-2100 रुपये देने का एलान किया था। एक नवंबर 2025 से लागू की गई इस योजना में पहले चरण में एक लाख तक की सालाना आय वाले परिवारों की महिलाओं को शामिल किया गया है। प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी लाडो लक्ष्मी योजना के लिए पात्र महिलाओं में से जिले में अब तक करीब 50 प्रतिशत पंजीकरण कराया है। सरकार का मानना है कि ऐसा इसलिए किया जा रहा है कि कुछ लोगों को शक है कि इस योजना में पंजीकरण करवा लिया तो कई सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित हो जाएंगे। ऐसे में पात्रता के दायरे में आने के बावजूद पंजीकरण न कराने वाली महिलाओं के घर-घर जाकर सर्वे किया जा रहा है।