संवाद न्यूज एजेंसी
सीवन। महंत बंसी पुरी व महंत लक्ष्मी नारायण पुरी ने स्वर्ग द्वार मंदिर में धार्मिक चर्चा की। इस मौके पर दोनों महंतों ने कहा कि भगवान राम पर भरोसा रखने वाला व्यक्ति निर्भय रहता है। उन्होंने कहा कि जब हम भगवान पर भरोसा रखकर आगे बढ़ जाते हैं तो यही सूत्र हमें आत्मबल प्रदान करता है।
उन्होंने कहा कि अनहोनी होनी नहीं, होनी हो सो होए। यह तुलसीदास का दोहा है जो हमारे जीवन पर चरित्रार्थ होता है। इसका अर्थ है मनुष्य का जीवन अनिश्चितता से भरा हुआ है। हर दिन हमें नई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में भय और चिंता स्वाभाविक हैं, दृष्टिकोण सकारात्मक रखना चाहिए।
उन्होंने कहा कि भगवान राम पर भरोसा रखने वाला व्यक्ति निर्भय रहता है। उसे यह विश्वास होता है कि हर घटना ईश्वर की इच्छा और योजना के अनुसार घटित होती है। उन्होंने कहा कि जो होना है, वह होकर रहेगा और जो नहीं होना है, वह किसी भी परिस्थिति में नहीं होगा। इसलिए चिंता और भय के स्थान पर मनुष्य को भगवान पर भरोसा रखते हुए निडरता से अपना कर्तव्य निभाना चाहिए। उ
उन्होंने कहा कि यह पंक्ति केवल धार्मिक विचार तक सीमित नहीं है। यह जीवन के हर क्षेत्र में लागू होती है। जब हम किसी परीक्षा, व्यापार, या अन्य महत्वपूर्ण कार्य में असफलता के भय से घिरे होते हैं, तब भगवान पर भरोसा रखकर आगे बढ़ने का यह सूत्र हमें आत्मबल प्रदान करता है। यह हमें सिखाता है कि हर परिस्थिति में अपने प्रयास करने चाहिए, लेकिन परिणाम को ईश्वर के भरोसे छोड़ देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि भरोसा और श्रद्धा का यह भाव केवल निर्भयता ही नहीं, बल्कि आत्मविश्वास का भी स्रोत है। जब हमें यह एहसास होता है कि भगवान हमारे साथ हैं, तो हमारी ऊर्जा दुगुनी हो जाती है। हम जिम्मेदारियों को निष्ठा और समर्पण के साथ पूरा करने में सक्षम हो जाते हैं।