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Kaithal News: हर तीसरे दिन सड़क हादसे में हो रही एक मौत, नौ महीने में 107 ने गंवाई जान, 167 घायल

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जम्मू कटरा एक्सप्रेस वे पर सड़क दुर्घटना में क्षतिग्रस्त ट्रक व पास पड़े केले। संवाद
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कैथल। जिले में सड़क हादसों में लगातार बढ़ रहे हैं। वर्ष 2019 से 2025 तक सात साल में सड़क हादसों में 791 लोगों की मौत हुई जबकि 1788 लोग घायल हुए, यानी औसतन हर साल 113 से अधिक लोगों ने सड़क हादसों में जान गंवाई। वहीं 2026 में सितंबर तक 107 लोगों की मौत और 167 लोग घायल हो चुके हैं। इस साल अप्रैल में 16 लोगों की मौत और 31 लोग घायल हुए।
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वहीं शुक्रवार को भी 13 सितंबर की सुबह करीब 4:30 गांव बरसाना में सड़क पर सैर कर रहे करीब 15 वर्षीय घायल किशोर आयुष की इलाज के दौरान रोहतक पीजीआई में मौत हो गई। किशोर के पिता रवि कुमार ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसके बेटे को एक मोटरसाइकिल वाले ने टक्कर मार दी थी। मोटरसाइकिल चालक अपने वाहन को तेज गति व लापरवाही से चलता हुआ आया था। इससे उसकी मौत हुई है। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर ली है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार हादसों में तेज रफ्तार के साथ गलत दिशा में वाहन चलाना, नशे में वाहन चलाना, ओवरटेकिंग, वाहन चलाते समय मोबाइल का इस्तेमाल, हेलमेट व सीट बेल्ट नहीं लगाना, सड़क पर बेसहारा पशु, खराब सड़क या रोशनी की कमी और भारी वाहनों की लापरवाही प्रमुख कारणों में शामिल हैं।

जनवरी से सितंबर तक 107 लोगों की मौत
2019 से 2025 के आंकड़ों के अनुसार सात साल में 791 मौतें हुईं। इनमें 2023 में सबसे अधिक 144 लोगों की जान गई। 2024 में 137 और 2025 में 136 लोगों की मौत हुई। वर्ष 2022 में भी 129 लोगों ने सड़क हादसों में जान गंवाई। आंकड़े बताते हैं कि सड़क हादसों में मौत का सिलसिला लगातार गंभीर बना हुआ है। इस वर्ष जनवरी से सितंबर तक 107 लोगों की मौत हो चुकी है। अप्रैल में 16 मौत के साथ सबसे ज्यादा जान गईं। मई में 15 और मार्च व सितंबर में 14-14 लोगों की मौत हुई। जनवरी में 13 जून में 10 जुलाई में 11 और अगस्त में आठ लोगों की जान गई। फरवरी में छह मौत हुईं। सितंबर तक हुए हादसों में 167 लोग घायल भी हुए हैं।
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40 प्रतिशत मौतें हेलमेट नहीं लगाने वालों की
विभागीय आंकड़ों में हादसों में दोपहिया वाहन चालकों के लिए हेलमेट की अनदेखी भी जानलेवा साबित हो रही है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार करीब 40 प्रतिशत लोगों की मौत हेलमेट नहीं लगाने के कारण हुई। वहीं करीब पांच प्रतिशत लोगों ने वाहन चलाते या सवारी करते समय सीट बेल्ट नहीं लगाई थी।
152-डी पर भी कई जानलेवा हादसे
14 अगस्त को 152-डी पर पबनावा टोल के पास ट्रक की टक्कर से कार सवार मिहिर सक्सेना और राजेश शर्मा की मौत हो गई। 7 अगस्त को बरसाना के पास तेज रफ्तार ट्रक ने कार को पीछे से टक्कर मार दी। हादसे में 26 वर्षीय संदीप की मौत हुई। 12 जुलाई को पूंडरी-बरसाना रोड के पास बिना संकेतक खड़े ट्राले से कैंटर टकरा गया। इसमें कैंटर चालक सूर्यप्रकाश की मौत हो गई।

स्कूल जाती बच्ची समेत कई लोगों की गई जान
15 अप्रैल को सांघन गांव में तेज रफ्तार पंजाब रोडवेज बस ने स्कूल जा रही सात वर्षीय नूर को टक्कर मार दी। हादसे में उसकी मौत हो गई। 3 सितंबर को सीवन में चीका-कैथल मार्ग पर ट्रक की चपेट में आने से स्कूटी सवार छात्राओं नवनीत और गुर्णदीप कौर की मौत हुई। 6 मई को अंबाला रोड और खुराना रोड के बीच कार अनियंत्रित होकर करीब 20 फीट नीचे ड्रेन में जा गिरी। हादसे में 20 वर्षीय राहुल की मौत हुई।
साल दर साल आंकड़ा
वर्ष मौत घायल
2019 -117- 235
2020 -66 -278
2021 - 62- 216
2022- 129- 250
2023- 144 -262
2024- 137 -264
2025- 136 - 283
2026 सितंबर तक 107 167
2026 में माहवार स्थिति
माह मौत घायल
जनवरी- 13- 27
फरवरी -6 -16
मार्च -14- 17
अप्रैल- 16- 31
मई -15- 17
जून -10- 15
जुलाई- 11- 14
अगस्त -8 -12
सितंबर- 14- 18
कुल 107 167
जिला पुलिस ने एक साल में यातायात नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों के 69,746 चालान किए। इनमें बिना हेलमेट के 14,683 और गलत दिशा में वाहन चलाने के 14,492 चालान शामिल हैं। बिना सीट बेल्ट के 3,903 और ओवरस्पीड के 4,610 चालान किए गए। शराब पीकर वाहन चलाने के 605 और वाहन चलाते समय मोबाइल फोन इस्तेमाल करने के 294 चालान हुए।
यातायात थाना प्रभारी रमेश लोहान ने बताया कि सभी वाहन चालकों को यातायात नियमों का पालन करना चाहिए। नियमों का पालन नहीं करने पर हादसे में जान जा सकती है।

जम्मू कटरा एक्सप्रेस वे पर सड़क दुर्घटना में क्षतिग्रस्त ट्रक व पास पड़े केले। संवाद

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