कैथल। मौसम में बदलाव होने पर तीन दिन बाद अब धूप खिलने के बाद जिले की अनाज मंडियों में गेहूं की आवक बढ़ने लगी है। ऐसे में मंडियों में गेहूं की उठान का कार्य धीमा है। अभी केवल एजेंसी के ठेकेदारों की ओर से विस्तार अनाज मंडी में ही गेहूं की उठान का कार्य शुरू किया है। जबकि नई अनाज व पुरानी अनाज मंडी में आवक के अनुसार मंडियों में उठान नहीं हो रहा है।
इस कारण आढ़तियों को मजबूरन सड़क पर गेहूं डलवाना पड़ा। इस प्रक्रिया के बाद मार्किट कमेटी ने आढ़तियों पर कार्रवाई शुरू की है। इस कार्रवाई के तहत रविवार को शहर की तीनों मंडियों के 12 आढ़तियों को नोटिस दिए गए थे। अब मार्किट कमेटी ने इन आढ़तियों को मंगलवार दोपहर से पहले तक का सड़क से गेहूं उठाने का समय दिया है। यदि आढ़तियों ने दोपहर से पहले गेहूं नहीं उठाया तो उनके लाइसेंस रद्द करने की कार्रवाई की जाएगी।
अब तक मंडियों में पहुंचा चार चार लाख क्विंटल गेहूं
गौरतलब है कि अब तक जिले की मंडियों में चार लाख क्विंटल गेहूं आ चुका है, लेकिन उठान करीब 20 हजार क्विंटल का ही हो पाया है। ऐसे में मंडियां गेहूं के ढेरों से भरी पड़ी हैं। जगह की कमी के कारण कई आढ़ती फसल को मंडी की सड़कों पर डाल रहे हैं, जिससे मंडी में आने वाले किसानों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्हें सड़कों पर चलकर मंडियों तक पहुंचने का रास्ता नहीं मिल रहा है।
तीन एजेंसियां खरीद रही हैं गेहूं
जिले में फूड एंड सप्लाई, हरियाणा वेयरहाउस और हैफेड गेहूं की खरीद कर रही हैं। उठान का हाेने का सबसे बड़ा कारण ट्रांसपोर्ट का न मिलना है। गेहूं की खरीद शुरू होने से लेकर अब तक अधिकारी ट्रांसपोर्ट मिलने का इंतजार कर रहे हैं। दो दिन बरसात के कारण उस समय भी उठान शुरू नहीं हो पाया, क्योंकि फसल भीग गई और उसमें नमी की मात्रा अधिक हो गई। अब अधिकारियों ने उठान सुचारू होने का दावा किया है।
वर्जन-मार्केट कमेटी के सचिव नरेंद्र कुमार ढुल ने बताया कि मंडियों में गेहूं की आवक जारी है। जो आढ़ती नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। बताया कि आढ़तियों को मंगलवार दोपहर से पहले तक का समय गेहूं की उठान करने के लिए दिया गया है। यदि आढ़ती इसके बावजूद इस समय सीमा का पालन नहीं करते तो उनके खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई के तहत उनके लाइसेंस तक रद्द करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।