कलायत। शुक्रवार देर सायं गांव शिमला में गेहूं की पकी फसल में अचानक आग लग गई। आग में किसान सतबीर की एक एकड़ में खड़ी गेहूं की फसल जल गई। सतबीर सिंह ने बताया कि जिस समय घटना हुई उस समय वह कृषि कार्यों को पूरा करके अपने घर आया हुआ था। खेत के पड़ोसियों ने उसे आग की जानकारी दी। सतबीर के खेत में लगी आग को देखकर आसपास खेतों में कार्य कर रहे किसानों ने आग पर काबू पाने के प्रयास शुरू कर दिए। फायर ब्रिगेड को सूचना देने के साथ उन लोगों ने अपने ट्रैक्टरों से आग लगे हुए हिस्से को चारों और से बाह दिया ताकि आग आगे न बढ़ पाए। सैकड़ों लोग मौके पर जमा हो गए और सभी ने अपने अपने प्रयासों से आग पर काबू पाने की कोशिश आरंभ कर दी। जिस समय फायर ब्रिगेड की गाड़ी मौके पर पहुंची तो किसान आग पर काबू पा चुके थे। आग को एक सीमित दायरे में घेर कर बुझाने के बाद किसानों ने राहत की सांस ली। किसानों ने बताया की यदि आग पर काबू न पाया जाता तो सैकड़ों एकड़ गेहूं जल कर राख हो सकती थी। सतबीर सिंह ने बताया की उसने 53 हजार रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से दस एकड़ कृषि भूमि ठेके पर ली थी। अग्निकांड में उसके एक एकड़ की फसल पूरी तरह से जल गई। किसानों के सहयोग से नौ एकड़ भूमि पर खड़ी फसल को बचा लिया गया। उन्होंने कहा कि बेमौसमी बरसात व ओलावृष्टि के कारण पहले ही गेहूं की फसल में नुकसान हो चुका है। अब आग ने तो उसे पूरी तरह से कर्ज में डूबा दिया है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि उन्हें आर्थिक सहायता दी जाए।