संवाद न्यूज़ एजेंसी
ढांड। प्रजापति ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय ने बालाजी हनुमान मंदिर ढांड में एक दिव्य आध्यात्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया। इसका शीर्षक था, “एक शाम परमपिता परमात्मा शिव के नाम।” इसमें बतौर विशिष्ट अतिथि बहन बीके रानी ने कहा कि ओम शांतिः कोई शब्द नहीं, बल्कि यह हमारी आत्मा का चिंतन है।
विशिष्ट अतिथियों में शामिल बहन राजयोगिनी बीके पुष्पा देवी ने कहा कि जब भी हम ओम शांति बोलते हैं, तो हमें बोध होता है कि हमारी आत्मा शांत और पवित्र स्वरूप में है, और यह हमें यह आभास कराता है कि हम परमात्मा की संतान हैं।” उन्होंने कहा कि हमें सबसे अधिक खुशी इस बात में होनी चाहिए कि भगवान ने जो कुछ भी दिया, उसी में संतुष्ट रहना चाहिए। मनुष्य जब सुख-शांति की खोज में भटकता है, तो उसे नारी शक्ति ही अंधकार से बाहर निकालती है।
बहन बीके रानी ने बताया कि जब मानव जीवन पर संकट आता है, तो नारी शक्ति अपने प्रताप और आराधना से उसे दूर करती है। उन्होंने कहा कि परमपिता परमात्मा का ध्यान करना, पूजा पाठ करना, ऐसे समागम के लिए जागरूक करना और बच्चों को संस्कारवान बनाना मुख्य कर्तव्य है, और इसका श्रेय नारी शक्ति अर्थात मातृ शक्ति को ही जाता है। बहन बीके रानी ने कहा कि मनुष्य की सबसे बड़ी शक्ति नारी शक्ति है, और इसमें कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी। उन्होंने यह भी बताया कि ऐसे दिव्य अध्यात्मिक कार्यक्रम हमें और अधिक शक्ति प्रदान करते हैं ताकि हम परमपिता परमात्मा भगवान शिव का सिमरन निरंतर करते रहें। मुख्य प्रस्तुति में महाराष्ट्र के सुप्रसिद्ध गायक भाई बीके अविनाश ने गीत और प्रवचन पेश किए।
इस अवसर पर बहन पुष्पा, बहन बीके रानी, बहन रंजना, बहन अनीता, बहन कविता, रश्मि, सुषमा, सीमा, बिमला देवी, पप्पू गुर्जर और एडवोकेट ज्ञान सिंह सहित अन्य उपस्थित थे।