संवाद न्यूज एजेंसी
गुहला-चीका/कैथल। गुहला-चीका क्षेत्र से गुजर रही घग्गर नदी में सोमवार को जलस्तर 25 फीट के पास पहुंच गया। शाम सात बजे तक जलस्तर 24.7 फीट दर्ज किया गया, जबकि इसमें लगभग 53,695 क्यूसेक पानी प्रवाहित हो रहा था। बढ़ते जलस्तर के बीच ग्रामीण अपने स्तर पर ही गांवों के खेतों के किनारे बांध बनाने में जुटे हैं।
इस क्षेत्र में अभी तक 30 गांवों में करीब नौ हजार एकड़ फसल डूबी है। इस समय रत्ताखेड़ा, सिहाली, मोहनपुर, मंझेड़ी, मैंगड़ा, भूंसला और पपराला में सबसे अधिक फसलें प्रभावित हुई हैं। पिछले पांच दिन में नदी का
जलस्तर लगातार बढ़ा है, पांच दिन पहले यह 22 फीट था और अब 24 फीट से पार पहुंच गया है।
फसलों के डूबने का दूसरा बड़ा कारण भागल गांव से गुजर रही मारकंडा नदी का घग्गर में मिलना है। दोनों नदियों का पानी एक साथ आने के कारण जलस्तर में तेजी से वृद्धि हुई। हालांकि कुछ गांवों में तटबंधों और खेतों में पानी का स्तर थोड़ा कम होने से लोगों को आंशिक राहत
मिली है।
क्षेत्र के सिहाली, रत्ताखेड़ा, मंझेड़ी, मैंगड़ा, भूंसला और बुड़नपुर से मोहनपुर तक तटबंधों के साथ खेतों में पानी का स्तर कम हुआ है। फिर भी गुहला-चीका क्षेत्र में 35 गांवों के खेतों में जलभराव है और सात हजार से अधिक एकड़ फसल बुरी तरह प्रभावित हुई है। पानी से प्रभावित क्षेत्रों में हरा चारा की खेती भी बर्बाद हो गई है, जिससे पशुओं के लिए संकट उत्पन्न हो गया है।
कई किसान अपने स्तर पर पानी निकालने का प्रयास कर रहे हैं। रत्ताखेड़ा लुकमान सहित घग्गर नदी के किनारे आने वाले गांवों में हल्की दरारों के कारण सैंकड़ों एकड़ धान की फसलें डूब गई हैं। किसान मिट्टी के थैले से इन दरारों को बंद कर बचाव कर रहे हैं, लेकिन यदि जलस्तर बढ़ता रहा, तो और भी गांवों को खतरा हो सकता है।
इस संदर्भ में स्थानीय किसान हरभजन सिंह, जोगिंदर सिंह, शिव कुमार और राजपाल ने कहा कि यदि पानी नहीं घटा, तो हमें भारी नुकसान होगा। हर मानसून में डर के साए में जीते हैं। केवल स्थायी समाधान ही हमें बचा सकता है। इस सीजन में जो कुछ भी हमने उगाया है, वह सब पानी में डूब गया है। सरकार को हमें मुआवजा देना चाहिए।
यह राहत की बात है कि घग्गर नदी का जलस्तर कम हुआ है। सोमवार तक लगभग छह से सात हजार एकड़ धान की फसल पानी की चपेट में आई। सरकार ने फसल खराबे के लिए पोर्टल खोल दिया है, जिसमें किसान अपनी फसल खराबे की जानकारी दर्ज करवा सकते हैं। खेतों से लगभग एक फीट से अधिक पानी कम हो गया है और अगले दो दिनों में जलस्तर में और कमी आने की संभावना है। -बंसी लाल बांगड़, नायब तहसीलदार गुहला।
15 गुहला-चीका। दोपहर दो बजकर 20 मिनट पर बुबकपुर से रत्ताखेड़ा लुकमान सड़क पर पानी से गुजरती हुए
15 गुहला-चीका। दोपहर दो बजकर 20 मिनट पर बुबकपुर से रत्ताखेड़ा लुकमान सड़क पर पानी से गुजरती हुए