संवाद न्यूज एजेंसी
सीवन। डीएवी स्कूल में चल रहे वैदिक संस्कार पखवाड़ा के तहत बुधवार को छात्रों ने प्रार्थना सभा में आर्य समाज और वेदों के बारे में अपने विचार प्रकट किए। छात्रों ने बताया कि ओम हमारा मूल मंत्र है और गायत्री महामंत्र है। चारों वेदों में किस प्रकार का ज्ञान हमें दिया गया है और जीवन जीने के तरीके क्या है।
उन्होंने बताया कि वेदों के दिखाए मार्ग पर चलने से हमारा जीवन सरल और सुगम हो सकता है। प्रार्थना सभा में बोलते हुए प्रधानाचार्या डा. मीना मेहता ने कहा कि गायत्री मंत्र ही ऐसा मंत्र है जिसका चारों वेदों में वर्णन है और वेद के हर एक मंत्र से पहले ओम शब्द का उच्चारण किया गया है। उन्होंने ऋग्वेद के बारे में भी छात्रों को बताया कि ऋग्वेद में हमारी सभ्यता, संस्कृति, हमारे जीवन जीने के बारे में सब कुछ बताया है।
चारों वेदों में अलग-अलग प्रकार का ज्ञान हमें प्राप्त होता है और इसी ज्ञान को हमें जीवन में अपनाकर हमें आगे
बढ़ाना चाहिए।
उन्होंने छात्रों को गायत्री मंत्र के जाप करने के लिए भी प्रेरित किया। उन्होंने पढ़ाई पर अधिक से अधिक ध्यान देने के लिए छात्रों को प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि आप सात्विक विचारों के द्वारा आप अपने जीवन में अपने लक्ष्य को प्राप्त कर सकतें हैं।
उन्होंने छात्रों से वेदों से संबंधित प्रश्न पूछे जिसका छात्रों ने उत्तर दिया। बुधवार को स्कूल में हुए हवन में कक्षा सातवीं के विद्यार्थियों ने आहूति डाली और सभी विद्यार्थियों ने हवन मंत्रों का उच्चारण किया। इस आयोजन में विद्यालय के स्टाफ ने सहयोग दिया।