संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। सीवन रोड स्थित ब्राह्मण धर्मशाला में आयोजित 11 कुंडीय महायज्ञ के पांचवें दिन शुक्रवार को श्री श्री 1008 हरिओम महाराज ने मंत्रोच्चार कर यज्ञ में आहुतियां डलवाई। वहीं, श्रीमद्भागवत महापुराण में आचार्य शुभम दिवेद्वी भगवान की अनंत लीलाओं का वर्णन किया।
इसमें महारस का वर्णन हुआ, जिसमें मनुष्य की अनंत तपस्या का फल भगवत प्राप्ति को बताया। भगवान समस्त प्रजा को कंस के अत्याचार से मुक्ति दिलाई गुरुकुल में अध्ययन आदि करके अपने गुरु को दक्षिणा के रूप उनके बालकों से मिलवाया भगवान कृष्ण ब्राह्मणों की रक्षा की जरासंध जैसे राक्षसों से और भगवान द्वारका नगरी बसाया और भगवान का विवाह भगवती रुक्मणी के साथ संपन्न हुआ। भक्तों ने धूम धाम से भगवान के विवाह का उत्सव मनाया।