कैथल। कुरुक्षेत्र रोड बाईपास पर सम्राट मिहिर भोज प्रतिमा अनावरण मामले में शुक्रवार को माता गेट स्थित एक निजी होटल में अखिल भारतीय वीर गुर्जर महासभा के सदस्यों ने बैठक की। इसमें महासभा के राष्ट्रीय महामंत्री अमित आर्य गुर्जर मुख्य वक्ता के रूप में पहुंचे। बैठक के बाद सदस्याें ने एक प्रेसवार्ता भी की। इसमें सरकार की ओर से कमेटी बनाने के आदेश में प्रयोग किए गए क्षत्रिय शब्द पर आपत्ति जताई।
पत्रकारवार्ता में अमित आर्य गुर्जर ने कहा कि कैथल में लगाई गई सम्राट मिहिर भोज प्रतिमा पर लिखे गए गुर्जर शब्द का मामला उच्च न्यायालय में विचाराधीन है। इसके बाद सरकार ने एक कमेटी का गठन किया है। इस कमेटी में सात सदस्य नियुक्त किए गए हैं। इसमें सरकार के अधिकारी और दोनों समाज के अधिवक्ता शामिल हैं। उन्होंने कहा कि कमेटी बनाने को लेकर आदेशों में प्रयोग किए गए गुर्जर बनाम क्षत्रिय शब्द पर उन्हें आपत्ति है। इसमें क्षत्रिय लिखना गलत है।
मांग उठाई कि इसमें गुर्जर बनाम राजपूत किया जाए। अमित ने बताया कि उन्होंने इसको लेकर प्रदेश के राज्यपाल और मुख्यमंत्री से भी आपत्ति दर्ज करवाई है। यह भी मांग है कि इस कमेटी में आचार्य विरेंद्र विक्रम को भी शामिल किया जाए। अमित आर्य ने कहा कि समाज में कुछ नेता हैं, जो दोहरी रणनीति अपना रहे हैं। उनका वे पुरजोर विरोध करेंगे। उन्होंने इस मामले में राष्ट्रीय स्तर की कमेटी बनाने की मांग की। इस मौके पर महासभा के कानून सलाहकार हरदीप काकौत आदि मौजूद थे।