कैथल। नलवी और झींडा गुट के एक साथ चुनाव लड़ने के एलान के बाद डोगरा गेट स्थित नीम साहिब गुरुद्वारे में शुक्रवार को दोनों गुट के सदस्यों ने बैठक की। इसमें सदस्यों ने एचएसजीपीसी के चुनाव करवाने को लेकर सरकार पर गंभीरता नहीं बरतने का आरोप लगाया। साथ ही 31 दिसंबर तक सरकार से चुनाव कराने की मांग जोरशोर से उठाई। वहीं हरियाणा सिख गुरुद्वारा चुनाव आयोग की तरफ से जारी की नई मतदाता सूची के लिए सिख मतदाताओं को एक नया घोषणा पत्र भरकर भेजने का आदेश जारी करने पर भी आपत्ति जताई।
बैठक में अवतार सिंह नलवी ने कहा कि हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के चुनाव को सरकार गंभीरता से नहीं ले रही है। गुरुद्वारों के चुनाव का फैसला सुप्रीम कोर्ट से हरियाणा के पक्ष में आने के बाद सरकार को उच्च प्राथमिकता से चुनाव आयोग गठित करके चुनाव करवाना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। बैठक में सभी का मानना था कि जल्द चुनाव करवाना इसलिए जरूरी है, क्योंकि सरकार ने पिछले नौ वर्ष में चार बार गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी नामजद की है, जबकि गुरुद्वारा एक्ट-2014 के अनुसार, सिख संगत द्वारा चुनी कमेटी की अवधि पांच वर्ष है। इस कारण सिख संगत में काफी रोष है। सिख नेताओं का कहना था कि जिन सिख मतदाताओं ने अपने मतदाता निवेदन-पत्र निर्धारित तिथि तक भरकर चुनाव आयोग को दे दिए हैं। उन घोषणा पत्रों पर संबंधित सिख मतदाताओं से हस्ताक्षर करवाने का कार्य संबंधित सरकारी कर्मचारी का है। कारण कि वह मतदाता निवेदन-पत्र अब चुनाव आयोग की संपत्ति हैं। इसके विपरीत मतदाताओं को पत्र वितरित कर जमा कराने के लिए कहा जा रहा है। गुरुद्वारा नीम साहिब में हुई प्रदेश स्तरीय बैठक में करनैल सिंह निम्नाबाद, मोहन जी पानीपत, जसबीर सिंह भाटी, निरवैर सिंह, जोगा सिंह, जगदेव सिंह मटदादू डबवाली, हरप्रीत सिंह नरूला करनाल, मनजीत सिंह डाचर, सुरेंद्र शाह कैथल, गुरमीत सिंह सीवन, बलदेव सिंह बल्ली आदि मौजूद थे।