फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ओबीसी को नहीं मिला पर्याप्त प्रतिनिधित्व : रविंद्र

Mon, 16 Dec 2024 01:17 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

कैथल। ओबीसी कल्याण संघ की बैठक रविवार को एक निजी संस्थान पर हुई। इसमें अंबाला से सरदार रविंद्र सिंह ने नाराजगी जताते हुए कहा कि संविधान के बनने के 74 साल पूरे हो गए हैं लेकिन ओबीसी के लोगों को पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं मिल सका है। उन्होंने सरकार से मांग करते हुए कहा कि सोशल वेलफेयर बजट में ओबीसी को जनसंख्या के अनुपात में हिस्सेदारी दी जाए, जैसे आर्टिकल 341 और 342 में दी जाती है।

उन्होंने कहा कि ओबीसी के लिए संविधान में बाबा साहेब आंबेडकर ने आर्टिकल 340 की व्यवस्था की और ओबीसी के लिए कानून मंत्री पद से इस्तीफा दिया था। हमारा संविधान पर्याप्त प्रतिनिधित्व की बात करता है। जनसंख्या के अनुपात में हिस्सेदारी की बात करता है। आज संविधान को लागू हुए 74 साल पूरे हो गए हैं, लेकिन ओबीसी के लोगों को अभी तक पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं मिला।
विज्ञापन


इसी कड़ी में सुभाष चंद्र जांगड़ा ने कहा कि संविधान का अनुच्छेद 246 अनुसूची सात की सूची एक क्रमांक संख्या 69 पर जनगणना करवाने की ड्यूटी केंद्र सरकार की लगाई है। 1931 की जनगणना के अनुसार पूरे देश में ओबीसी 52 प्रतिशत है। बिहार, उड़ीसा, महाराष्ट्र राज्यों ने जाती है जनगणना करवाई। बिहार में अपने जातीय जनगणना के आंकड़े सार्वजनिक किया, जिसमें ओबीसी 64 प्रतिशत है। बीजेपी सरकार जातिगत जनगणना करवाए, ताकि ओबीसी के लोगों को जनसंख्या के अनुपात में संवैधानिक अधिकार मिल सके।

उन्होंने सवाल उठाया कि जब गुलाम भारत में जनगणना हो सकती थी तो आजाद भारत में क्यों नहीं? वर्ष 2018 में राजनाथ ने कहा था की 2021 में हम जातीय जनगणना करवाएंगे परंतु 2019 में सरकार बनने के बाद यह वादा भूल गए। उन्होंने आगे कहा कि जब तक जातीय जनगणना नहीं हो जाती तब तक ओबीसी के हक और अधिकार सामान्य श्रेणी के लोग डकारते रहेंगे। जब तक ओबीसी के लोगों का डाटा सरकार के पास नहीं होगा तब तक ओबीसी के लोगों के लिए बजट का बंटवारा कैसे होगा।

बलवीर शास्त्री ने कहा कि हरियाणा के सभी कॉलेज और यूनिवर्सिटी के अंदर ओबीसी के लोगों का पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं है। उन्होंने तीन यूनिवर्सिटी और हरियाणा के कॉलेजों का आंकड़े सार्वजनिक किया जो निराशाजनक समझ आया। बताया कि संविधान का अनुच्छेद 15 (4) और 16 (4) पिछड़ा वर्ग की लोगों के लिए नौकरियां और पदोन्नति में प्रतिनिधित्व की बात करता है।
विज्ञापन


उन्होंने कहा कि सरकार ने ओबीसी का बैकलॉग जल्द से जल्द भरे वरना पिछड़ा वर्ग के लोग आंदोलन करने पर मजबूर होंगे। इस मौके पर प्रविंद्र जांगडा, शिव धीमान, शमशेर जांगडा, जय भगवान पांचाल, अनिल कुमार, बलबीर शास्त्री, संजय, गुरदेव, भास्कर, रामफल सैनी पार्षद, कमल कांत वर्मा मौजूद रहे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें