संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। जिले के सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में कक्षा आठवीं से दसवीं तक के विद्यार्थियों के लिए विज्ञान से जुड़ी जिज्ञासा और रचनात्मकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विज्ञान संगोष्ठी प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा। यह कार्यक्रम राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी), हरियाणा, गुरुग्राम की ओर से शुरू किया गया है, जिसमें इस वर्ष ‘क्वांटम युग का आगाज : संभावनाएं एवं चुनौतियां’ विषय पर प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी।
जिला शिक्षा अधिकारियों को दिए गए परिषद की उपनिदेशिका सरोज दहिया ने निर्देश के तहत प्रत्येक जिला विज्ञान विशेषज्ञ को कार्ययोजना लागू करनी है। यह प्रतियोगिता युवा मस्तिष्कों को वैज्ञानिक सोच और नवाचार की ओर प्रेरित करने का एक महत्वपूर्ण अवसर मानी जा रही है।
जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. विजय लक्ष्मी ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि वे 10 अगस्त से पहले खंड स्तर पर विज्ञान संगोष्ठी प्रतियोगिता का आयोजन सुनिश्चित करें।
प्रतियोगिता में प्रथम व द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों के परिणाम 10 अगस्त तक जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में जमा करवाने होंगे। इसके उपरांत जिला स्तरीय प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा।
राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर जाने का मिलेगा अवसर ः जिला स्तर पर चयनित प्रतिभागी सितंबर 2025 के प्रथम सप्ताह में गुरुग्राम में आयोजित होने वाली राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में भाग लेंगे।
राज्य स्तर के विजेता 30 अक्तूबर 2025 को बेंगलुरु स्थित औद्योगिक एवं प्रौद्योगिकी संग्रहालय में होने वाली राष्ट्रीय प्रतियोगिता में हिस्सा लेंगे। डॉ. विजय लक्ष्मी, जिला शिक्षा अधिकारी ने कहा कि इस तरह की प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच को प्रोत्साहित करती हैं और उन्हें नवाचार की दिशा में प्रेरित करती हैं।
प्रतियोगिता के नियम
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भागीदारी : कक्षा 8वीं से 10वीं तक के सभी सरकारी और निजी विद्यालयों के विद्यार्थी भाग ले सकते हैं।
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प्रस्तुति का स्वरूप : विषय पर 5 से 6 मिनट की मौखिक प्रस्तुति देनी होगी।
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प्रश्नोत्तर : इसके बाद निर्णायक मंडल तीन प्रश्न पूछेगा, जिनमें से प्रतिभागी को किसी दो के उत्तर 2 मिनट में देने होंगे।
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सहायक सामग्री : पोस्टर, चार्ट या कंप्यूटर आधारित स्लाइड की अनुमति होगी।
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निषेध : थ्री-डी मॉडल, एनिमेशन, पॉप-अप, रोल-ओवर, वीडियो, फिल्में प्रतिबंधित रहेंगी।
मूल्यांकन मानदंड (100 अंक)
निम्नलिखित आधारों पर किया जाएगा मूल्यांकन
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वैज्ञानिक सामग्री: 40 अंक
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भाषा व प्रवाह: 25 अंक
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दृश्य सामग्री की नवीनता: 15 अंक
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प्रश्नोत्तर क्षमता: 20 अंक
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लिखित परीक्षण (20 प्रश्न): 10 अंक
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मौखिक उत्तर (3 में से 2 प्रश्न): 10 अंक
ऐसे आयोजन न केवल छात्रों की वैज्ञानिक समझ को विकसित करते हैं, बल्कि उन्हें समाज निर्माण में भी योगदान देने के लिए प्रेरित करते हैं। -सुशील कुमार, जिला विज्ञान विशेषज्ञ