नेशनल रुरल लाइवलीहुड मिशन में महिलाओं के आरोपों पर एडीसी सतबीर कुंडू की जांच में मोहर लगा दी गई है। जिसमें डीपीएम रजत भास्कर सहित कई स्टॉफ सदस्यों को कई तरह की अनियमितताओं का दोषी पाया गया है। आरटीआई से हासिल रिपोर्ट में पता चला है कि महिलाओं ने जो आरोप लगाए गए थे, उसके बाद आरोपों की गहनता से जांच की गई। जिसमें पेज की जांच रिपोर्ट तैयार करके डीसी कार्यालय को सौंप दी गई है। अब अगली कार्रवाई डीसी द्वारा की जानी है।
गांव सैर से प्रवेश देवी ने बताया कि वह सीवन महिला ब्लॉक संगठन में बतौर उप-प्रधान और गांव सैर में बने उम्मीद महिला ग्राम संगठन की प्रधान है। उसके साथ ककहेड़ी निवासी जसबीर, रसूलपुर निवासी नगमा ने शिकायत दी थी। जिसमें आरोप लगाया था कि नेशनल रुरल हेल्थ मिशन में सब कुछ ठीक-ठाक नहीं चल रहा है। सीवन महिला ब्लॉक समिति के पदाधिकारियों के हस्ताक्षर बदलवाने के लिए वे पीएनबी सीवन में गए थे। जहां मैनेजर ने उनकी कोई बात नहीं सुनीं। जब उन्होंने कई बार वहां जाकर इस बारे में मांग रखी तो बीपीएम रामफल शर्मा ने बैंक में पहुंच कर सभी के सामने कहा कि उनकी मर्जी के बिना पदाधिकारी नहीं बदले जा सकते। महिलाओं ने यह भी आरोप लगाया था कि उक्त बीपीएम रामफल शर्मा महिलाओं के साथ गलत करता है। बैंकों के खाली चैकों पर हस्ताक्षर करवाता है। स्टॉफ में अधिकारी कमीशन वसूलते हैं। संगठनों की कार्रवाई में खुद के एजेंडे जबरन लिखवाए जाते हैं। महिलाओं ने पीएनबी बैंक मैनेजर, बीपीएम रामफल शर्मा, डीपीएम रजत भास्कर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी।
इस मामले में डीसी कार्यालय के आदेश पर एडीसी सतबीर कुंडू द्वारा जांच की गई। जिसमें शिकायतकर्ता महिलाओं, आरोपी पक्ष के अधिकारियों के अलावा गवाहों के भी ब्यान दर्ज किए गए। साथ ही संगठनों, बीलएफ सहित जिला कार्यालय के कार्रवाई रजिस्टर व उनके बैंक खातों व अन्य रिकॉर्ड की पड़ताल की गई। जिसमें कई तरह की खामियां मिलीं हैं।
प्रवेश देवी, खुर्शीदा व अन्य महिलाओं ने बताया कि आरटीआई से हासिल की गई जांच रिपोर्ट में एडीसी ने डीपीएम रजत भास्कर, बीपीएम रामफल शर्मा सहित स्टॉफ सदस्यों को कई बिंदुओं पर दोषी करार दिया है। जांच रिपोर्ट एडीसी कार्यालय की ओर से डीसी कार्यालय में जमा करवा दी गई है। मार्च के अंतिम सप्ताह में यह रिपोर्ट डीसी कार्यालय में जमा करवा दी गई है। इन महिलाओं ने मांग की है कि जांच में दोषी पाए गए अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
जांच में इन सात प्वाइंट में दोषी करार दिया गया है
महिलाओं ने जांच रिपोर्ट के आधार पर बताया कि एडीसी कार्यालय की जांच में कृषि यंत्रों की खरीद में भारी अनियमितताएं व नियमों की उल्लंघन पाया गया है। आजीविका ग्रामीण एक्सप्रेस योजना में नियमों की अनदेखी कर वाहनों का आवंटन, ई-शक्ति योजना में स्टॉफ के कर्मचारियों को ही भुगतान किया गया है। जबकि यह भुगतान संगठनों की महिलाओं को किया जाना था। जांच में यह भी बताया गया है कि संगठनों के संचालन में एनआरएलएम के जिला व ब्लॉक कार्यालय में कार्यरत स्टॉफ सदस्यों व अधिकारियों का अनावश्यक दखल रहता है। जिस कारण महिलाएं स्वतंत्र रूप से फैसले नहीं ले पाती। एक तरह से सभी कार्य स्टॉफ सदस्य खुद ही करते हैं और महिलाओं के बाद में हस्ताक्षर करवाए जाते हैं।
इस संबंध में डीपीएम रजत भास्कर का कहना है कि उन्हें ऐसी किसी जांच रिपोर्ट की जानकारी नहीं है। उन्हें केवल इतना जरूर पता था कि जांच चल रही है। इससे ज्यादा उन्हें कोई जानकारी नहीं है। जब रिपोर्ट आएगी, तभी कुछ बताया जा सकेगा। एडीसी सतबीर कुंडू ने कहा कि डीसी कार्यालय के आदेश पर जांच करके डीसी कार्यालय को ही रिपोर्ट भेज दी गई है। आगामी कार्रवाई डीसी महोदय की ओर से ही होगी। डीसी सुजान सिंह यादव ने कहा कि जैसे ही यह रिपोर्ट मिलेगी, उसी अनुसार आगामी कार्रवाई की जाएगी।