मंडियों में अभी गेहूं आने में एक महीना बचा है लेकिन खरीद एजेंसियों ने गेहूं के भंडारण के लिए अभी से तैयारियां शुरू कर दी हैं ताकि अच्छी गुणवत्ता वाले गेहूं का सही ढंग से भंडारण कर उसे बाहर के देशों में निर्यात किया जा सके। पिछले साल भी जिले भर से यूरोप के देशों में गेहूं का निर्यात किया गया था।
जिले भर से गेहूं का उठान होने के कारण इस बार गेहूं के भंडारण की समस्या न के बराबर रहेगी, क्योंकि अधिकतर खरीद एजेंसियों द्वारा भंडारण किए गए गेहूं का उठान हो चुका है। जो गेहूं बचा है, उसका भी जल्द ही उठान होने की उम्मीद है। यदि अधिकारी अपने प्रयासों में सफल रहे अगले साल जिले से गेहूं का विदेशों में निर्यात किया जा सकेगा।
यूरोप के देशों में हुआ निर्यात
जिले से इस साल यूरोप के कई देशों में गेहूं का निर्यात हुआ है जिसका मुख्य कारण गेहूं की गुणवत्ता है। साथ ही गेहूं का भंडारण भी सही ढंग से किया गया था। इसका नतीजा यह हुआ कि गोदामों में सड़ने वाले गेहूं का उठान हो गया तथा अब गोदामों में नया गेहूं रखने के लिए जगह तैयार है। इसके अलावा गेहूं की कीमतों पर भी इसका असर हो सकता है। कृषि विभाग के एक अनुमान के अनुसार इस बार जिले भर में 8.22 लाख एमटी गेहूं के उत्पादन का अनुमान है। इसमें से खरीद एजेंसियों द्वारा लगभग आठ लाख एमटी गेहूं खरीदा जाना है जिसे एफसीआई, डीएफएससी, हैफेड, एग्रो एवं कान्फेड द्वारा खरीदा जाना है।
एजेंसियों की कसरत शुरू
खरीद एजेंसियों से मिली जानकारी के अनुसार खरीदे जाने वाले गेहूं के भंडारण के लिए एजेंसियों द्वारा अभी से कसरत शुरू कर दी गई है। जिसके तहत जिले में करीब छह लाख एमटी गेहूं के भंडारण के लिए इस समय जगह खाली है। शेष जगह भी सीजन तक खाली होने की उम्मीद है। इसमें एफसीआई द्वारा अदानी ग्रुप के साथ मिलकर सोलू माजरा में बनाए गए साइलोज में लगभग दो लाख एमटी, डीएफएससी विभाग के पास करीब एक लाख एमटी, हरियाणा एग्रो के पास लगभग 75 हजार एमटी, हैफेड के पास लगभग दो लाख एमटी की जगह खाली है। इसमें काफी सारी क्षमता कवर्ड क्षेत्र में गेहूं के भंडारण के लिए बताई जा रही है जिससे साफ-सुथरे गेहूं का भंडारण होने पर इसके निर्यात होने की उम्मीद अधिक रहेगी।
प्रबंध पूरे : डीएफएससी
डीएफएससी सुरेंद्र सैनी का कहना है कि पिछले साल गेहूं के निर्यात होने के कारण काफी गेहूं का उठान हो गया। इससे एजेंसियों के पास इस बार लगभग पर्याप्त जगह है। कुछ जगह की जरूरत पड़ी तो उसका प्रबंध किया जा रहा है। सीजन में अच्छी गुणवत्ता वाला गेहूं खरीद कर उसका उचित भंडारण करने की कोशिश की जाएगी। उम्मीद है कि इस बार जिले में सीजन तक खरीदे जाने वाले लगभग आठ लाख एमटी गेहूं के भंडारण के लिए पर्याप्त जगह होगी।