गुहला-चीका। चीका अनाज मंडी एसोसिएशन के आढ़तियों द्वारा प्रधान पर माल ढुलाई के किराए में भ्रष्टाचार करने के आरोपों का जवाब देते हुए मंडी प्रधान सतपाल जैन ने कहा कि जो सदस्य उन पर भ्रष्टाचार के आरोप लगा रहे हैं उन्हीं आढ़तियों के पास पांच लाख कट्टों के गेट पास हैं। वे इन कट्टों की ढुलाई का किराया वसूल भी चुके हैं।
प्रधान सतपाल जैन ने आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि एसोसिएशन के सदस्यों ने उन पर जो 10 लाख रुपये के गबन के आरोप लगाए हैं, वे पूरी तरह से झूठे और निराधार है। सतपाल जैन ने बताया कि गेहूं के सीजन में चीका अनाज मंडी में कुल 19 लाख कट्टे आए थे। इनमें से पांच लाख कट्टों के गेट पास आरोप लगाने वाले आढ़तियों के पास हैं। चार लाख कट्टों के किराए का भुगतान एसोसिएशन ने संबंधित आढ़तियों को कर दिया है।
जैन ने बताया कि लगभग नौ लाख कट्टे कैथल व ढांड के गोदामों में चले गए है, ऐसे में 10 लाख रुपये के गबन के आरोप पूरी तरह से झूठे हैं। उन्होंने कहा कि एसोसिएशन के पास मात्र दो लाख रुपये खर्च के लिए आए हैं। इसका समय आने पर पूरा हिसाब दिया जाएगा। जैन ने कहा कि पिछले 10 सालों में यह पहला मौका है जब मंडी एसोसिएशन ने आढ़तियों को गेहूं ढुलाई का पैसा दिलाया है। उन्होंने कहा कि आरोप लगाने वाले सदस्यों को एसोसिएशन की कार्यकारिणी से हटा दिया गया है और नए सदस्यों को भर्ती करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।