संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। एक जुलाई से कानून व नियमों में किए गए बदलाव पर अधिवक्ताओं ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है। हालांकि सबने नियमों के बदलाव को समय की मांग करार दिया है, लेकिन साथ ही उनका कहना है कि इससे शुरू में थोड़ी परेशानी होगी। ज्यादातर अधिवक्ताओं ने कहा कि अंग्रेज काल के नियमों का नवीनीकरण करना जरूरी था। सालों पुराने कानून के नियमों में बदलाव होना समय की मांग और सही निर्णय है।
एकदम बदलाव से होगी थोड़ी मुश्किल
पहले जो कानून थे, उनमें ही नवीनीकरण करते तो सही था। एकदम कानून बदलने से थोड़ी मुश्किलें होंगी। एफआईआर के लिए 14 दिन जांच करने का समय बढ़ा, जो सही नहीं है। -प्रदीप रापड़िया, अधिवक्ता, उच्च न्यायालय
सही कदम, जल्द सुनवाई की संभावना
काफी पुराने कानून होने के कारण बदलाव जरूरी था। अब जल्द सुनवाई की संभावना बनी है। केसों की पैरवी को समय पाबंद कर दिया है। अब राजद्रोह का मामला थी देशद्रोह माना गया है। -मुनीष कुमार, अधिवक्ता
समय के हिसाब से बदलना सही फैसला
नए कानून समय के हिसाब से बदलना सही फैसला है। जो कानून हमारे जरूरत के नहीं थे, उन्हें हटाया गया है, जो सही निर्णय है। कुछ नियमों में पहले की बजाय सख्ती भी की गई है। -शक्ति सौदा, अधिवक्ता
कानूनों में बदलाव की जरूरत थी
पुराने कानून वर्ष 1860 के बने हुए थे। उनमें समय के अनुसार बदलाव की जरूरत थी। अब ब्रिटिश की बजाय अपने कानून बने हैं। नए एक्ट और नए कानूनों से तकनीकी बदलाव भी होगा है। -मनिदर सिंह अधिवक्ता।