संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। शहर की अनाज मंडियों में उठान को लेकर स्थिति में मंगलवार को सुधार की उम्मीद जगी है इसलिए बुधवार को पूरा दिन धान की आवक बंद करने का निर्णय मार्केट कमेटी की तरफ से लिया गया है। दरअसल, सरकार की तरफ से उठान के लिए आने वाले ट्रकों में जीपीएस
सिस्टम लागू होने की शर्त के बाद से ही परेशानी चल रही है। इस कारण ही पीआर किस्म के धान की सरकारी खरीद होने के बाद उठान का कार्य धीमा है। मार्केट कमेटी के इस फैसले के बाद अब बुधवार से मंडियों से जाम की समस्या का हल होने की आस है।
गौरतलब है कि धान की सरकारी खरीद तो लगातार हो रही, लेकिन जीपीएस सिस्टम लगाने की प्रक्रिया के कारण उठान में देरी हो रही है। वहीं, मार्केट कमेटी ने विस्तार अनाज मंडी में सड़क पर धान डालने पर 14 आढ़तियों को नोटिस दिया है। इसका कारण यह था कि इन आढ़तियों का विस्तार अनाज मंडी में कोई लाइसेंस नहीं है।
अब तक हुई आवक ः अब तक शहर की तीनों मंडियों में करीब पांच लाख 42 हजार क्विंटल धान की कुल आवक हुई है। वहीं, अब तक करीब चार लाख 50 हजार क्विंटल धान की खरीद हुई है जबकि करीब तीन लाख 45 हजार क्विंटल धान का उठान हो चुका है।
विस्तार अनाज मंडी के आढ़ती एसोसिएशन ने भी जाम की स्थिति को देखते हुए मार्केट कमेटी के फैसले का स्वागत किया है। इस फैसले के तहत प्रधान सोहन ढुल ने कहा कि जाम की स्थिति को देखते हुए सर्वसम्मति से मंगलवार शाम पांच बजे से लेकर बुधवार रात्रि तक धान की आवक को बंद करने का फैसला लिया गया है।
इस दौरान केवल उठान का कार्य होगा। जबकि इस दौरान ट्रालियों के प्रवेश पर रोक लगाई गई है। पहले उठान होने के बाद ही मंडी में आगे आवक शुुरू की जाएगी। इसके साथ नई अनाज मंडी में भी बुधवार को आवक और खरीद का कार्य बंद किया जाएगा। यह फैसला जाम की स्थिति कम होने के बाद ही आगे किसानों की धान ली जाएगी।
मार्केट कमेटी के सचिव बसाऊ राम ने बताया कि उठान धीमा होने के कारण कैथल शहर की नई और विस्तार अनाज मंडी में धान की आवक नहीं होगी। इसके लिए किसानों को बुधवार को धान न लेकर आने का आग्रह मार्केट कमेटी की तरफ से किया गया है धान की आवक बुधवार रात्रि 12 बजे तक बंद रहेगी।
उन्हाेंने यह भी बताया कि मंडी में बीच रास्ते में सड़क पर धान डालने पर आढ़तियों को नोटिस देने की कार्रवाई की है। उन्होंेने बताया कि ऐसा इसलिए किया गया है क्योंकि धान डालने वाले आढ़तियों के पास विस्तार अनाज मंडी में कोई लाइसेंस नहीं है।