कोरोना से लंबी लड़ाई के साथ-साथ स्वास्थ्य विभाग ने अब मलेरिया और डेंगू से भी लड़ाई की तैयारी शुरू कर दी है। पिछले कई दिनों से लारवा की जांच का अभियान जारी है। अभी तक जिले में 200 से अधिक जगहों से मलेरिया का लारवा मिला चुका है। ऐसे लोगों को विभाग की ओर से नोटिस भी जारी किया गया है। साथ ही अब सरकारी भवनों में निरीक्षण शुरू कर दिया गया है।
शनिवार को लघु सचिवालय के अलावा साई मंदिर परिसर में कर्मचारियों व अधिकारियों ने जांच अभियान चलाया। वहीं शनिवार को पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में भी पानी के खड़ा होने की जांच की। स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार जिले में अभी तक 200 जगहों पर मलेरिया व अन्य मच्छरों का लारवा मिला है। रोडवेज विभाग की कर्मशाला के अलावा पीडल्ब्यूडी विभाग के रेस्टहाउस में लारवा मिला। इन सभी जगहों पर जो भी इनके संरक्षक हैं, उन्हें नोटिस जारी किए गए हैं। इसके अलावा अनावश्यक खड़े पानी को बिखेर दिया गया। साथ ही पानी की टंकियों, खाली पड़ी वस्तुओं की भी जांच की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग की टीम शनिवार को सुबह लघु सचिवालय पहुंची। जहां डा. नीरज मंगला की अगुवाई में महामारी अधिकारी शमशेर सिंह व अन्य कर्मचारियों ने पानी की टंकियों की जांच की। साथ ही यहां अनावश्यक पड़े सामान में खड़े पानी को बिखेर दिया गया। लघु सचिवालय परिसर में लारवा नहीं मिला। इसके बाद टीम ने साईं मंदिर में भी निरीक्षण किया। जहां अनावश्यक रूप से खड़े पानी को नष्ट करवाया गया। इसी प्रकार से शुक्रवार को अंबाला रोड स्थित पीडब्ल्यूडी विभाग के रेस्टाहाउस में भी लारवा मिला था। जिस पर विभाग ने नोटिस जारी कर दिया था। जिला मलेरिया अधिकारी डा. नीरज मंगला ने बताया कि कोरोना से लड़ाई के बीच अब समय मिला है तो मलेरिया व डेंगू से लड़ाई की तैयारी की जा रही है। पूरे जिले में अभियान चलाकर घरों में पड़े अनावश्यक सामान में एकत्रित पानी को नष्ट करवाया जा रहा है। खाली प्लाटों में खड़े पानी में एंटी लारवा दवा का छिड़काव किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि तीन लाख 77 हजार घरों में जांच की जा चुकी है। जिसमें करीब 90 हजार कूलरों की जांच की गई है। साथ ही एक लाख 27 हजार पानी की टंकियों की जांच कर ली गई है। जिसमें से करीब 200 से अधिक जगहों पर लारवा पाया गया है। यही लारवा बाद में मलेरिया का कारण बनता है। आने वाले माह में यदि इसी प्रकार से लारवा पनपता है तो वह डेंगू का भी लारवा हो सकता है। इसलिए अभी से इस ओर ध्यान दिया जा रहा है।
स्वास्थ्य विभाग ने शनिवार को जिले भर में अपने सभी भवनों में रखी पानी की टंकियों की जांच की। उनमें लारवा जांचा गया। साथ ही टंकियों की साफ-सफाई भी करवाई गई। सीएमओ डा. शेलेंद्र ममगई ने बताया कि पूरे जिले में अभियान चलाकर पानी की टंकियां साफ करवा दी गई हैं। ताकि स्वास्थ्य विभाग के परिसरों में आने जाने वाले लोगों को स्वच्छ पेयजल मिल सके। यह अभियान सफल रहा। जहां भी पानी की टंकियों में साफ सफाई नहीं मिलीं, उन केंद्रों को तमुरंत साफ सफाई करवाए जाने के निर्देश दिए गए हैं।