संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। जिले की तहसीलों में भ्रष्टाचार नहीं रुक रहा है। गुहला के तहसीलदार पर भ्रष्टाचार का आरोप लगने के बाद अब कलायत के तहसीलदार कार्यालय के कर्मचारी के खिलाफ केस दर्ज किया है।
गौरतलब है कि हाल ही में गुहला तहसील में 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रजिस्ट्री क्लर्क को रंगेहाथों पकड़ा गया था। इसके बाद तहसीलदार के खिलाफ भी भ्रष्टाचार का केस दर्ज किया गया था। अब कलायत तहसील में तहसीलदार के रीडर विजय
चौहान पर रिश्वत मांगने के आरोप में भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया है।
कलायत तहसील में सिणंद के कर्ण सिंह का जमीन से जुड़ा मामला लंबित था। आरोप है कि तहसीलदार के रीडर विजय चौहान ने मामले में आगे की प्रक्रिया पूरी करने के लिए पांच हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। कर्ण सिंह ने इस बातचीत की रिकॉर्डिंग कर ली और एंटी करप्शन ब्यूरो में शिकायत दर्ज करवाई। एंटी करप्शन ब्यूरो ने शिकायत की पुष्टि के लिए पहले रेड करने की कोशिश की लेकिन सफलता नहीं मिली।
माना जा रहा है कि रेड की सूचना पहले ही लीक हो गई थी, जिससे आरोपी सतर्क हो गए। 17 दिन की जांच के बाद अब एसीबी ने ठोस सबूतों के आधार पर विजय चौहान के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। यह कार्रवाई एंटी करप्शन ब्यूरो के एडीजीपी कार्यालय और एसपी अंबाला रेंज की स्वीकृति के बाद की गई।
चार दिन पहले पकड़ा गया था क्लर्क
गुहला तहसील में भी रिश्वतखोरी का मामला सामने आया था। मंगलवार को एसीबी अंबाला ने तहसीलदार कार्यालय में तैनात रजिस्ट्री क्लर्क प्रदीप कुमार को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। यह रिश्वत रजिस्ट्री कराने के एवज में मांगी गई थी।
तहसीलदार मनजीत मलिक पर भी रिश्वतखोरी के आरोप लगे थे। एसीबी इंस्पेक्टर सूबे सिंह ने बताया कि उच्च अधिकारियों के निर्देश पर कलायत तहसीलदार के रीडर विजय चौहान के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है।