सामाजिक कार्यकर्ता नोदी चीका पर हुए जानलेवा हमले के खिलाफ वीरवार को नोदी के परिजनों व सैकड़ों समर्थकों ने शहर भर में जोरदार प्रदर्शन किया। इस मामले में विधायक कुलवंत बाजीगर की भूमिका की जांच के लिए एसआईटी गठित करने की मांग की। प्रदर्शन में सिर, बाजू, टांग सहित शरीर के विभिन्न हिस्सों में पट्टियां बांधे नोदी ने भी हिस्सा लिया। नोदी को एक गाड़ी में बिठाकर शहर भर में घुमाया गया तथा लोगों से इंसाफ की इस लड़ाई में समर्थन की मांग की गई। प्रदर्शन की अगुवाई नोदी की बहन राजबाला कर रही थी।
प्रदर्शनकारियों ने अपने हाथों में तख्तियां उठाई हुई थी जिन पर विधायक को निशाना बनाकर उन पर आरोप लगाए गए थे। शहर में प्रदर्शन के बाद नारेबाजी करता हुआ सैकड़ों लोगों का यह काफिला वापस ऊधम सिंह चौक पर पहुंचा तथा वहां चारों मार्गों पर जाम लगा दिया। तकरीबन दो घंटे तक वाहनों की आवाजाही बंद रही लेकिन पुलिस व प्रशासन का कोई भी बड़ा अधिकारी ज्ञापन तक लेने नहीं आया। दो घंटे बाद कैथल से डीएसपी हेडक्वार्टर सतीश गौतम चीका आए और प्रदर्शनकारियों से बातचीत करके जाम खुलवाया।
जांच के लिए एसआईटी गठित करने की मांग
डीएसपी सतीश गौतम ने प्रदर्शनकारियों द्वारा जांच को चीका से कैथल तब्दील करने की मांग को तुरंत स्वीकार करते हुए चीका थाना प्रभारी से नोदी केस की फाइल मंगवा ली और उसे अपने साथ कैथल ले गए। लोगों ने एसआईटी से मामले की जांच की मांग की। डीएसपी गौतम ने कहा कि वे एसपी कैथल के आदेश पर ही चीका आए हैं तथा उनके निर्देशों के अनुसार शाम को ही नोदी मामले में एसआईटी गठित कर दी जाएगी। डीएसपी ने नोदी के पिता शेर सिंह को कहा कि वे भी अपनी तरफ से 3-4 लोगों के नाम दे दें जो कि इस मामले की पैरवी कर सकें। ताकि पुलिस को जब किसी जानकारी की जरूरत पड़े तो अपना पक्ष रख सकें। वहीं लोगों ने चीका थाना प्रभारी रणबीर सिंह को सस्पेंड करने की भी मांग की लेकिन इस पर डीएसपी चुप्पी साध गए।
सभा में गरजे किसान नेता
शहर में प्रदर्शन से पहले नोदी समर्थकों ने मस्ताना वाले चौक में एक जनसभा की जिसमें किसान नेताओं ने सरकार के खिलाफ जोरदार हुंकार भरी। भारतीय किसान यूनियन के युवा प्रदेशाध्यक्ष विक्रम कसाना ने कहा कि यह सरकार किसान विरोधी तो है ही यह दलित विरोधी भी है। उन्होंने दलितों का आह्वान किया कि जब किसान और गरीब दलित मजदूर की ताकत मिलेगी तो सरकार को नाकों चने चबवा देगी। भाकियू के प्रदेश महासचिव भूरा राम ने नोदी मामले में प्रदेश सरकार को घेरा कि जनता से पंगा लेकर कोई भी सरकार लंबे समय नहीं चल सकती।
व्यापारियों को भेजी लानत
भाकियू के प्रधान जरनैल सिंह ने हमले वाले दिन नोदी की मदद ना किए जाने को लेकर व्यापारियों को लानत भेजी। उन्होंने कहा कि दलित परिवार के एक बच्चे को दरिंदे बुरी तरह पीटते रहे और किसी ने उसकी मदद तक नहीं की। यह बच्चा आपका भी तो हो सकता था।
वहीं नोदी आंदोलन को समर्थन देने पहुंचे राष्ट्रीय लोक स्वराज पार्टी के अध्यक्ष एवं पूर्व आईजी रणबीर शर्मा ने कहा कि पुलिस राजनीतिक दबाव के चलते अपने कर्तव्य का सही निर्वहन नहीं कर रही है।
लिपटकर रो पड़ी बहनें
नोदी जब पीजीआई से छुट्टी लेकर गाड़ी में सीधा धरना स्थल पर पहुंचा तो उसका हाल देखकर उसकी बहनें फूट फूटकर रो पड़ी। महिलाओं का रूदन सुनकर एकबारगी तो पूरा माहौल गमगीन हो गया।
मैंने करवाई है पुलिस कार्रवाई : विधायक
विधायक कुलवंत बाजीगर ने नोदी मामले में अपना नाम जोड़े जाने को बहुत ही अफसोसजनक ठहराया। विधायक ने कहा कि नोदी पर हमला होने के बाद उन्होंने खुद एसपी कैथल व डीएसपी गुहला से मुलाकात करके आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार करने का दबाव बनाया था। विधायक ने कहा कि उनकी संवेदनाएं नोदी के साथ है। उन्होंने कहा कि 6 आरोपी पकड़े जा चुके हैं। एक को लेकर पुलिस पूरी कोशिश कर रही है। विधायक ने कहा कि नोदी को आगे करके कुछ लोग अपनी राजनीतिक रोटियां सेकना चाहते हैं। आज के प्रदर्शन में भी बाहर से लोगों को जमा करके भीड़ जुटाई गई है। गुहला की जनता सच्चाई जानती है इसलिए वे लोग इस झूठे आंदोलन से दूर हैं।
क्रमिक अनशन जारी
पोल खोल अभियान के संयोजक जगजीत सिंह ने कहा कि आज चौथे दिन भी उनका क्रमिक अनशन जारी है। अनशन पर आज नोदी बैठा था।
पोल खोल अभियान के संयोजक जगजीत सिंह के खिलाफ मामला दर्ज
पोल खोल अभियान के मुख्य संयोजक जगजीत सिंह के खिलाफ चीका पुलिस ने सरकारी काम में बाधा डालने के आरोप में पर्चा दर्ज किया है। पीडब्ल्यूडी के एएसडीई बलबीर सिंह की शिकायत पर यह पर्चा दर्ज किया गया है। बुधवार की शाम को पीडब्ल्यूडी के अधिकारी शहीद ऊधम सिंह चौक पर नोदी मामले में चल रहे क्रमिक अनशन का तंबू व पोस्टर बैनर हटाने आए थे। आरोप लगाया गया है कि जगजीत सिंह व अन्य ने सरकारी काम में बाधा डालते हुए सरकारी अमले को तंबू वगैरह नहीं हटाने दिया।