कोहरे ने दस्तक दे दी है। लेकिन नेशनल हाईवे सहित जिले के अधिकतर मार्गों पर खतरनाक एवं डैथ प्वाइंट्स कहे जाने वाले अधिकतर मोड़ एवं चौक-चौराहों की स्थिति जस की तस है। जिला प्रशासन द्वारा सरकार के आदेशानुसार गठित कमेटी द्वारा इन प्वाइंट्स का विजिट कर आवश्यक कदम उठाए जाने थे। लेकिन अभी तक कमेटी ने इन प्वाइंट्स की विजिट नहीं की है। जिस कारण हादसे से बचने के लिए किए जाने वाले उपायों में ओर भी देरी की संभावनाएं बन गई हैं। कोहरे में इस बार भी हादसों में कई लोग जान से हाथ धो सकते हैं।
कोहरे में होते हैं हादसे
जिले भर में कोहरे के मौसम में हर साल काफी संख्या में हादसे होते हैं। नेशनल हाईवे पर ढांड रोड बाईपास चौक, अंबाला रोड बाईपास चौक, ड्रेन पुल के निकट का एरिया सहित तितरम मोड़ से लेकर कलायत तक अनेकों ऐसे प्वाइंट्स हैं, जहां अक्सर हादसे होते हैं। वहीं निर्माणाधीन नेशनल हाईवे पर भी अभी तक काफी हादसे हो चुके हैं। इन पर कई बार आवश्यक सुधार के लिए बैठकों का आयोजन हो चुका है।
सडक़ों पर सफेद पट्टी हो चुकी है धुंधली, पीली पट्टी भी नहीं दिख रही, सिग्रल नहीं हैं चौक-चौराहों पर
शहर में ही प्रमुख चौक-चौराहों पर आवश्यक उपाय नहीं हैं। अंबाला रोड बाईपास चौक पर कोई संकेतक नहीं है। ना ही कोई पट्टी है। जिस कारण यहां हादसों का डर बना हुआ है। इसी तरह से ढांड रोड बाईपास चौक पर भी पेड़ों के कारण परेशानी होती है। वहीं करनाल रोड बाईपास चौक पर आवश्यक लाइटों एवं सिग्रल प्वाइंट्स का अभाव बना हुआ है। संकेतकों की बात तो अभी दूर की कौड़ी नजर आ रही है।
अभी एस्टीमेट बनाने में उलझा है विभाग
पीडब्ल्यूडी विभाग के एसडीओ गुरचरण सिंह ने बताया कि उन्होंने सफेद पट्टियां और पीली पट्टियां लगवाने को लेकर विभाग के आला अधिकारियों को एस्टिमेट बनाकर भेज दिया गया जो जल्द ही पास होगा। जिसके बाद यह पट्टियां लगवाने का कार्य तेजी से करवाया जाएगा।
बसों में लगाई जाएगी फॉग लाइट्स, दी जाएगी ट्रेनिंग
रोडवेज विभाग की वर्कशॉप के वर्क मैनेजर रविश हुड्डा ने बताया कि सर्दी के मौसम में धुंध व कोहरे के मद्देनजर बसों में फॉग लाइट्स लगाई जाएगी। हेडलाईट में येलो ट्यूब लगाई जाएगी। जो बसों की हेड लाइट्स में स्थित इन एगिस्टंग टयूब को उतारकर लगाई जाती है। उन्होंने बताया कि इसके अलावा बसों की बैक लाइट को चेक करवाया जा रहा है। इसके अलावा सभी बसों के साइड में रिफ्लेक्टर टेप लगाई जाएंगी। उन्होंने कहा कि इन लाइटों के आर्डर कर दिये गये हैं। इन्हें 15 दिन के अंदर बसों में लगा दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि इसके अलावा बसों के ड्राईवरों को कम स्पीड में चलाने की हिदायत के लिए उन्हें विभाग की ओर से ट्रेंनिग दी जाएगी।
अभी प्लानिंग कर रहा है आरएसओ
रोड सेफटी ऑर्गेनाइजेशन के इंचार्ज बलवान ने बताया कि सर्दी के मौसम में धुंध और कोहरे को लेकर वाहनों पर रिफ्लेक्टर लगाए जाएंगे। लोगों में यातायात के प्रति जागरूकता को लेकर दिसंबर के माह के पहले जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया जाएगा व स्कूल और कॉलेजों में छात्र-छात्राओं को भी जागरूक किया जाएगा। ऐसे जागरूकता शिविर दिसंबर के पूरे माह चलेंगे।
हर साल होती है लोगों की मौत
जिले में हर साल सड़क हादसों में सैकड़ों की संख्या में लोगों की मौत होती हैं। कई बार तो यह आंकड़ा 400 को भी पार कर जाता है। इस बार भी यदि हालत नहीं सुधरी तो सर्दियों में काफी संख्या में लोगों को जान से हाथ धोना पड़ सकता है।
जिले में खतरनाक प्वाइंट्स को चिह्नित कर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। इसके लिए शीघ्र ही मुख्य मार्गों का निरीक्षण किया जाएगा। कमेटी द्वारा बैठक कर प्रारंभिक तौर पर जानकारी जुटाई जा रही है।
मनदीप कौर, एसडीएम, कैथल।