कैथल। लघु सचिवालय में सोमवार को फसल अवशेष प्रबंधन पर हुई जिला स्तरीय बैठक में क्षेत्र के संबंधित एडीएम को नोडल अधिकारी नियुक्त करने के निर्देश डीसी डॉ. संगीता तेतरवाल ने दिया। उन्होंने फसल अवशेष जलाने वाले संवेदनशील और अति संवेदनशील गांवों पर विशेष निगरानी रखने के लिए उन्हें अपने-अपने क्षेत्र का ओवरऑल इंचार्ज बनाया है। एसडीएम संबंधित कृषि अधिकारी से गांव स्तर पर तालमेल स्थापित कर योजनाबद्ध तरीके से कार्य करेंगे। उधर, फसल अवशेष प्रबंधन के आधार पर जिले को तीन जोनों रेड, ऑरेंज और ग्रीन में बांटा गया है। इनमें 76 अति संवेदनशील गांवों को रेड जोन में रखा गया है।
फसल अवशेष प्रबंधन को वर्गीकृत करते हुए जिले को रेड, ऑरेंज और ग्रीन जोन में बांटा गया है। रेड रोड में ज्यादा निगरानी की तैयारी की जा रही है। इसके लिए रेड जोन एरिया में पुलिस पोस्ट भी बनाई जाएगी। इसके अलावा गांवों में जागरुकता कार्यक्रमों के माध्यम से ग्रामीणों को फसल अवशेष नहीं जलाने के बारे प्रेरित किया जाएगा।
डीसी ने कहा कि फसल अवशेष जलाने से पर्यावरण दूषित होता है। अगर कोई किसान फसल अवशेष प्रबंधन करने की जगह आग लगाएगा प्रशासन की तरफ से जुर्माना लगाया जाएगा। दो एकड़ तक दो हजार रुपये, पांच एकड़ तक पांच हजार रुपये तथा पांच एकड़ से ज्यादा 15 हजार रुपये जुर्माना वसूला जाएगा। एक हजार 33 कस्टम हायरिंग सेंटर हैं, जिनमें से कैथल में 315, गुहला में 230, सीवन में 124, पूंडरी में 121, राजौंद में 154 तथा कलायत क्षेत्र में 89 सीएचसी बनाए गए हैं, जिनके बाहर फोन नंबर सहित पूरा पता लिखा हुआ है।
गौरतलब है कि जिले में 76 गांव ऐसे हैं, जिन्हें रेड जोन में शामिल किया है। ऑरेंज में 100 और ग्रीन जोन में 106 गांव शामिल हैं। गुहला खंड में रेड जोन के 19 गांव, ओरेंज जोन में 25 गांव तथा ग्रीन जोन में 28 गांव शामिल हैं। कैथल खंड में रेड जोन में 18, ऑरेंज जोन 18 और ग्रीन जोन में 27 गांवों शामिल हैं। इसी प्रकार कलायत खंड में रेड जोन में आठ, ओरेंज जोन में 11 और ग्रीन जोन में 10 गांव हैं। पूंडरी व ढांड खंड में रेड जोन में 10, ऑरेंज जोन में 17 और ग्रीन जोन में 24 गांव शामिल हैं। राजौंद खंड में रेड जोन में पांच, ऑरेंज जोन में 11 तथा ग्रीन जोन में आठ गांव शामिल हैं। सीवन खंड में रेड जोन में 16, ऑरेंज जोन में 18 और ग्रीन जोन में नौ गांवों को रखा गया है।
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किसानों को 9558 कृषि यंत्र उपलब्ध करवाए
कृषि विभाग के उपनिदेशक कर्मचंद ने बताया कि वर्ष 2015 से लेकर 22 तक किसानों को 9558 कृषि यंत्र अनुदान पर विभाग ने उपलब्ध करवाए हैं, जिनमें एसएसएमएस 131, हैपी सीडर 546, स्ट्रॉचोपर और स्ट्रॉ सरीडर 992, सर्बमास्टर 1150, रिवर्सिबल प्लो 724, सुपर सीडर 1977, जीरो टिल सीड ड्रिल 2162, रोटावेटर 1296, स्ट्रॉबेलर 405, हीरो रैक 149 तथा क्रॉप रीपर 26 उपलब्ध करवाए हैं।