कैथल। राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में पिछले डेढ़ साल से गणित सहित साइंस विषयों के प्राध्यापक न होने के कारण छात्राओं ने एक सप्ताह तक शिक्षकों की तैनाती न होने पर कक्षाओं के बहिष्कार का फैसला लिया है। अब तक स्कूल मुखिया, जिला शिक्षा अधिकारी से गुहार लगा चुकी छात्राओं ने अपने अभिभावकाें के हस्ताक्षर करवाकर मंत्री रणदीप सुरजेवाला को ज्ञापन देने का फैसला लिया है।
इसके बावजूद भी यदि स्कूल में प्राध्यापक नियुक्त नहीं हुए तो छात्राओं ने एक सप्ताह में सामूहिक बहिष्कार की चेतावनी दी है। सोमवार को छात्राओं ने शिक्षा विभाग व जिला प्रशासन के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली।
11वीं में भी नहीं मिले टीचर
बारहवीं की छात्राओं ने बताया कि ग्यारहवीं में बिना अध्यापकों के पूरा साल बीत गया है। लेकिन बारहवीं में उनके भविष्य का फैसला होना है। छात्राओं ने बताया कि स्कूल में केमिस्ट्री, फिजिक्स और गणित के प्राध्यापक नहीं है। यहां तक की कॉमर्स में भी प्राध्यापक नहीं है। पिछले एक साल से लगातार स्कूल मुखिया व जिला शिक्षा विभाग के अधिकारियों से मिल रहे हैं, लेकिन स्कूल मुखिया व जिला शिक्षा विभाग के अधिकारी अपनी मजबूरी दिखाकर पल्ला झाड़ लेते हैं।
गुस्साई छात्राओं ने कहा कि अगर सरकार अध्यापक उपलब्ध नहीं करवा सकता तो स्कूलों को बंद कर दिया जाए। छात्राओं ने बताया कि वे सबला स्कीम का राशन लेने नहीं आती हैं। वह स्कूल में पढ़ाई के लिए आती है लेकिन अध्यापक न होने के कारण कक्षाओं में खाली बैठकर वापस लौट जाते हैं। विद्यालय में अध्यापक न होने के कारण करीब 50 छात्राएं स्कूल छोड़कर चली गई हैं।
बच्चों का भविष्य दांव पर
पिछले एक साल से छात्राओं की केमिस्ट्री, फिजिक्स और गणित की कक्षाएं नहीं लगी हैं। छात्राओं ने बताया कि कक्षा ग्यारहवीं में एक तीनों विषय में से एक भी कक्षा नहीं लगी है। लेकिन अब बारहवीं में उनके लिए काफी बड़ी समस्या सामने आ गई है। छात्राओं ने कहा कि अगर कक्षा बारहवीं भी अध्यापक नहीं आता है तो वह फेल हो सकती हैं। जिसके कारण छात्राओं को भविष्य भी खराब हो सकता है।
मंत्री रणदीप सुरजेवाला को लगाई गुहार
छात्राओं ने मंत्री रणदीप सुरजेवाला को स्कूल में अध्यापकों की नियुक्ति के लिए पत्र लिखा है। जिसमें छात्राओं ने लिखा है कि उनके पास पिछले एक वर्ष से केमिस्ट्री, फिजिक्स, गणित व कॉमर्स के प्राध्यापक नहीं हैं। स्कूल मुखिया व जिला शिक्षा अधिकारियों को बार-बार इस बारे में सूचित कर दिया गया है। लेकिन समस्या का कोई समाधान नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि छात्राएं गरीब तबके से संबंध रखती हैं। ट्यूशन का भारी भरकम फीस नहीं दे सकती हैं। शिक्षा विभाग के अधिकारी बार-बार अपनी मजबूरी उनके सामने रख रहे हैं। छात्राओं ने उम्मीद जताई है कि मंत्री उनकी समस्याओं को समाधान आवश्यक करेंगे।
आज तक नहीं खुली लैब
छात्रा पूजा, मोनिका, रीतु गोयत, नीरू शर्मा, दिव्या वर्मा, रीतु, सुनैना, ज्योति, शालिनी, सोनिया, ममता, प्रियंका, कविता, गितिका, किरण, नेहा, काजल, मीनाक्षी, सोनिया, नेहा, नीतु, आरती, ममता, सपना, मनीषा, सोनिया, मनीषा, अमनजोत, पूनम और मोनिका ने बताया कि जब से स्कूल लगा है कभी भी न तो कक्षा लगी है, न ही कभी फिजिक्स लैब खुली है।
छात्राओं ने दिया एक सप्ताह का समय
छात्राओं ने कहा कि अगर शिक्षा विभाग ने एक सप्ताह तक कोई समाधान नहीं निकाला तो वे कक्षाओं को बहिष्कार कर देंगी। उन्होंने बताया कि केवल एक अंग्रेजी विषय की कक्षा लगती है। उसके बाद पूरा दिन कक्षाओं में खाली बैठकर वापस लौट जाते है।
हम सबला स्कीम का राशन लेने के लिए स्कूल में नहीं आते हैं। हमें स्कूल में आकर पढ़ाई करनी है। पढ़ाई करवाने के लिए स्कूल में प्राध्यापक नहीं हैं।
-दिव्या वर्मा, छात्रा।
पिछले एक साल केमिस्ट्री, फिजिक्स, गणित व कॉमर्स की कोई कक्षा नहीं लगी है। जिसके कारण हमें फेल होने का डर सताने लगा है।
-नीतू, छात्रा।
प्राध्यापकों की कमी के कारण करीब 50 छात्राएं स्कूल छोड़कर चली गई हैं। जो छात्राएं बची हैं, उनका भविष्य भी खतरे में है।
-मोनिका, छात्रा
जब सरकार प्राध्यापक ही नहीं दे सकती तो स्कूल में आने का छात्राओं को उद्देश्य क्या है। छात्राएं गरीब तबके से संबंध रखती हैं। ट्यूशन का भारी भरकम फीस नहीं दे सकती हैं।
-आरती, छात्रा।
स्कूल मुखिया व जिला शिक्षा अधिकारी को बार-बार कहने के बाद भी कोई हल नहीं निकल रहा है।
गीतिका, छात्रा।