संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। जिला नागरिक अस्पताल का ऑपरेशन थियेटर निजी चिकित्सकों के सहारे चल रहा है। इसके चलते अब अस्पताल की पैनल पर निजी चिकित्सकों के रखे जाने के लिए अस्पताल प्रबंधन पर 30 लाख रुपये की देनदारी हो चुकी है। यह भुगतान पिछले 10 महीने से नहीं हो पाया है।
वहीं, इस समय ऑपरेशन करने वाले एकमात्र सर्जन का कार्यकाल खत्म हो गया है और आगे कार्यकाल भी नहीं बढ़ा है। इसलिए अस्पताल में अकेले ऑपरेशन के लिए अनुबंध पर चार चिकित्सक लगाए गए हैं। अब इन्हीं चिकित्सकों से ही ऑपरेशन करवाया जा रहा है।
गौरतलब है कि ये चिकित्सक प्रति ऑपरेशन पर तीन से चार हजार रुपये की फीस लेते हैं। वहीं, प्रति नलबंदी के लिए 150 रुपये और नसबंदी के लिए 250 रुपये चिकित्सक को दिए जाते हैं।
हाल ही में एनएचएम के तहत नियुक्त हुआ है चिकित्सक ः जिला नागरिक अस्पताल में पिछले करीब दो साल से बेहोशी का कोई भी चिकित्सक नहीं था। ऐसे में दो महीने पहले ही राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत चिकित्सक को नियुक्त किया गया है। इसके अलावा सामान्य अस्पताल में डॉ. संजीव जिंदल, डॉ. हजारी लाल, डॉ. राकेश ग्रोवर पैनल पर नियुक्त किए गए हैं।
इसके साथ ही महिला रोग विशेषज्ञ डॉ. सोनाली, डॉ. मोनिका, डॉ. अन्नू और डॉ. सुनीता व डॉ. सीमा भी गर्भवती महिलाओं के ऑपरेशन के लिए पैनल पर नियुक्त की गई हैं। जबकि नलबंदी के लिए डॉ. सोनाली व नसबंदी के लिए डॉ. आरडी चावला को पैनल पर लिया गया है।
अभी तक ऑपरेशन थियेटर के लिए कोई स्थायी चिकित्सक नहीं मिल सका है। इसलिए चिकित्सकों की काफी कमी लगातार खलती है। अब पैनल पर ही रखे गए चिकित्सकों से ऑपरेशन करवाएं जाते हैं। सर्जन का पद पिछले डेढ़ माह से खाली है। इसे भरने के लिए आला अधिकारियों से पत्राचार किया जा रहा है। -डॉ. सचिन मांडले, प्रधान चिकित्सा अधिकारी
जिला नागरिक अस्पताल
नहीं मिला कोई बजट
पैनल पर रखे गए चिकित्सकों का भुगतान न होने की स्थिति में अस्पताल पर 30 लाख रुपये की देनदारी हो चुकी है। इसके लिए अभी तक सरकार की तरफ से कोई बजट नहीं मिल पाया है। यह बजट अंतिम समय अप्रैल महीने में आया था, लेकिन अप्रैल से लेकर अब तक इन चिकित्सकों की फीस का कोई बजट नहीं आया है।