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Kaithal News: पाई मंडी में खरीद नहीं, 10 हजार बोरियां उठान के लिए तैयार

Tue, 23 Sep 2025 01:58 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
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91  कैथल विस्तार मंडी में लगी धान की ढेरी   संवाद
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संवाद न्यूज़ एजेंसी
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पाई/ढांड। अनाज मंडी पाई में सोमवार को एमएसपी खरीद के पहले दिन धान की सरकारी खरीद शुरू नहीं हो पाई। मंडी में धान की आवक तो हो चुकी है और लगभग 10 हजार बोरियां उठान के लिए तैयार पड़ी हैं, लेकिन प्रशासनिक तैयारियों के अभाव में किसानों को इंतजार करना पड़ा। उधर, भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश महासचिव भूराराम पबनावा ने ढांड मंडी में खरीद एजेंसी को साथ में लेकर पीआर धान की खरीद शुरू करवाई।

सरकारी खरीद शुरू होते ही किसानों के चेहरे खिल उठे। लेकिन अधिकतर किसानों में उस समय मायूसी छा गई जब उनकी धान अधिक नमी होने के कारण खरीद नहीं की गई। खरीद एजेंसी खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के इंस्पेक्टर नीरज ने बताया कि पहले दिन 210 क्विंटल पीआर धान की न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद की गई।
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उन्होंने कहा कि मंडी में आई हुई ढेरियां सरकारी मापदंड पर खरी नहीं उतरी है। अधिकतर ढेरियों में ज्यादा नमी पाई गई है। जिससे उन्हें रिजेक्ट कर दिया गया है। इंस्पेक्टर ने किसानों का आह्वान किया है की अपनी धान को साफ सुथरी एवं सुखाकर ही लाएं। ताकि उन्हें खरीदने में कोई दिक्कत ना आए। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा 17 प्रतिशत नमी वाली धान को ही सरकारी न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद की जाएगी। मार्केट कमेटी सचिव देवेंद्र ने कहा कि आढती अनाज मंडी में धान की ट्राली आते ही उसे एच वन रजिस्टर में दर्ज करें। अगर किसान ने धान की ट्राली का गेट पास नहीं कटवाया है तो उसका गेट पास कटवाना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि अगर जांच के दौरान कोई धान की ढेरी बिना गेट पास या एच वन रजिस्टर में दर्ज हुई नहीं मिली तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इस मौके पर मनजीत डांडा, नसीब सिंह , पूर्व मंडी प्रधान रमेश, मास्टर ईश्वर शर्मा, रवि शर्मा, खजान सिंह मौजूद रहे।

उधर, अनाज मंडी पाई में सोमवार को एमएसपी खरीद के पहले दिन धान की सरकारी खरीद शुरू नहीं हो पाई। मंडी में धान की आवक तो हो चुकी है और लगभग 10 हजार बोरियां उठान के लिए तैयार पड़ी हैं, लेकिन प्रशासनिक तैयारियों के अभाव में किसानों को इंतजार करना पड़ा। नाराज किसानों का कहना है कि सरकार ने तो एमएसपी पर खरीद की घोषणा कर दी, लेकिन अभी तक आढ़तियों को उनकी आईडी जारी नहीं की गई है। इन्हीं आईडी पर किसानों की फसल की बिक्री और जे-फॉर्म जनरेट होने हैं। इसके अलावा जिला प्रशासन ने अब तक खरीद एजेंसियों को राइस मिल भी अलॉट नहीं किए हैं। किसानों ने सवाल उठाया कि जब पहले से पता था कि धान की खरीद शुरू होनी है तो राइस मिलों का अलॉटमेंट समय पर क्यों नहीं किया गया। दूसरी ओर मंडी प्रधान सत्यवान ढूल ने कहा कि खरीद प्रक्रिया जल्दी शुरू हो जाएगी और किसानों को कोई परेशानी नहीं आने दी जाएगी।
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मंडी में किसानों की फसल आ चुकी है। आढ़तियों की आईडी भी जल्द ही जारी हो जाएगी। फिलहाल धान में नमी की मात्रा अधिक है। मंडी में खरीद की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और खरीद प्रक्रिया जल्द ही शुरू कर दी जाएगी। किसानों को धान बेचने में कोई परेशानी नहीं होगी। -जोगिंदर सिंह, सचिव, मार्केट कमेटी

91  कैथल विस्तार मंडी में लगी धान की ढेरी   संवाद

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