कलायत। पंचायत समिति कलायत में हुए 87 लाख रुपये के घोटाले की शिकायत की जांच के लिए न तो जांच अधिकारी व न ही बुलाए गए अधिकारी पहुंचे। शिकायतकर्ता वार्ड 18 के राजीव व वार्ड नंबर 19 के जयभगवान पूरा दिन अधिकारियों की बाट जोहते रहे, लेकिन अधिकारी नहीं आए।
शिकायतकर्ता जयभगवान ने कहा कि उन्होंने चार अगस्त को उपमंडल अधिकारी को पंचायत समिति कलायत में हुए भारी घोटाले के संबंध में शिकायत पत्र दिया था। एसडीएम ने इस मामले की जांच में शामिल होने के लिए बीडीपीओ कलायत, उपमंडल अभियंता पंचायती राज कलायत, जेई पंचायती राज कलायत, चेयरमैन पंचायत समिति कलायत के साथ साथ उन्हें भी जांच में शामिल होने के लिए 17 अगस्त का समय दिया था। निश्चित समय पर वे जांच में शामिल होने के लिए पहुंच गए पर कोई भी अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा।
जयभगवान का कहना है कि सरकार के अनुसार साल में कुल 25 लाख रुपये की लागत तक के पांच कार्य करवाए जा सकते हैं। नियमों को ताक पर रख कर छह मास में 87 लाख रुपये के कार्य करवा कर उनका भुगतान भी फर्जी ढंग से कर दिया गया। उनका आरोप है कि जिन कार्यों का भुगतान हुआ है वे कार्य धरातल पर नहीं हुए। यदि कुछ कार्य हुए हैं तो वे 2020-21 के हैं।
जयभगवान ने कहा कि ब्लॉक समिति की पहली बैठक 29 मार्च को बीडीपीओ भजन लाल की अध्यक्षता में हुई थी। 17 अप्रैल को बीडीपीओ ने पत्र जारी किया था कि सभी विकास कार्य टेंडर प्रणाली से होंगे। इसके बावजूद भुगतान के बिल 29 मार्च से 17 अप्रैल के बीच कटवाए गए हैं ताकि प्रशासन को गुमराह किया जा सके। जयभगवान ने कहा कि जिन कार्यों के बिलों का भुगतान हुआ है उन विकास कार्यों का कनिष्ठ अभियंता द्वारा कोई ऐस्टीमेट में भी नहीं बनाया गया।
राजीव ने कहा कि इस मामले को लेकर उन्होंने 25 जुलाई को आरटीआई लगा कर जानकारी मांगी थी पर उसका भी कोई जवाब नहीं मिला। शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाते हुए कहा कि इस मामले में शायद राजनेताओं का अधिकारियों पर दबाव है।
रंजिशन दी जा रही घोटाले की झूठी शिकायत ः अध्यक्ष
कलायत ब्लॉक समिति की अध्यक्ष ज्योति धानियां ने कहा कि एक ब्लॉक समिति सदस्य और एक प्रतिनिधि द्वारा 87 लाख रुपये के घोटाले के जो आरोप लगाए हैं वे पूरी तरह से निराधार हैं।
निर्धारित होगा जांच के लिए समय : कलायत एसडीएम
कलायत एसडीएम देवेंद्र शर्मा ने बताया कि पंचायत समिति कलायत में 87 लाख रुपये के घोटाले के संबंध में दी गई शिकायत पर संज्ञान लिया गया है। निष्पक्ष जांच के लिए खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी, पंचायती राज विभाग के एसडीओ व कनिष्ठ अभियंता के साथ-साथ अध्यक्ष को 17 अगस्त 2023 को जांच में शामिल होना था। एक पक्ष के जांच में मौजूद न हो पाने के कारण फिर से इसके लिए समय निर्धारित किया जाएगा।