संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। कांग्रेस के महासचिव और राज्यसभा सांसद रणदीप सुरजेवाला ने रविवार को ढांड रोड स्थित किसान भवन में कार्यकर्ताओं के साथ बैठक के बाद पत्रकारवार्ता की। साथ ही शिक्षक भर्ती परीक्षाओं पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि 2019 से अब तक एचटेट के आधार पर प्रदेश में एक भी नियुक्ति नहीं हुई, लेकिन फीस 125 करोड़ रुपये वसूल ली गई। उन्होंने इस पर सरकार से जवाब मांगा है।
उन्होंने परीक्षाओं की विश्वसनीयता और परीक्षा लेने के तरीकों को गलत बताते हुए कहा कि यह एनसीटीई के मापदंडों के खिलाफ है। सिलेबस भी इसके अनुरूप नहीं है। हरियाणा में एचटीईटी के आधार पर तीन श्रेणियों में अध्यापकों की भर्ती होती है। प्राथमिक अध्यापक, ट्रेंड ग्रेजुएट टीचर और पोस्ट ग्रेजुएट टीचर।
उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि विगत दो या तीन दिसंबर को भी एचटेट की परीक्षा हुई, जो नियमों के विरुद्ध रही। एनसीटीई के मापदंडों के मुताबिक लिखित परीक्षा में दो भाषाओं के 30-30 नंबर का पेपर अनिवार्य है, लेकिन सरकार ने हिंदी और अंग्रेजी के नंबर केवल 15-15 ही रखे। इस तरह एनसीटीई की गाइड लाइन का उल्लंघन किया गया।
सुरजेवाला ने कहा कि चार वर्षाें में 12 लाख 52 हजार 422 युवाओं ने परीक्षा दी। एचटेट की परीक्षा के लिए बेरोजगार युवाओं को काफी राशि जमा करवानी पड़ती है। सरकार ने एचटेट परीक्षा में पीआरटी के लिए एक हजार रुपये फीस रखी है। पीआरटी व टीजीटी के लिए फीस 18 सौ रुपये है और तीनों परीक्षाओं के लिए फीस 2400 रुपये है।
सुरजेवाला ने कहा कि परीक्षा के लिए दी जाने वाली औसत फीस एक हजार रुपये प्रति युवा भी मान लें, तो पिछले पांच साल में सरकार ने मात्र फीस से 125 करोड़ रुपया युवाओं से वसूला, जबकि इन परीक्षाओं के आधार पर किसी को भी नौकरी नहीं मिली।
एक सवाल के दौरान तीन राज्यों में कांग्रेस की हार पर सुरजेवाला ने जवाब में कहा कि पार्टी के सभी कार्यकर्ताओं में चुनाव में खूब मेहनत की है। हार या जीत, यह जनता का फरमान है, जिसे सभी को स्वीकार करना चाहिए।