संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। कैथल से करनाल रूट पर चल रही निजी बसों की मनमानी लगातार बढ़ती जा रही है। कई बस संचालक निसिंग तक परमिट होने के बावजूद अपनी बसें पूंडरी बस स्टैंड तक ही चला रहे हैं। इसके बाद सवारियों को दूसरी बस में बैठाकर करनाल या आगे के रूट के लिए भेजा जाता है।
यह सिलसिला कई महीनों से जारी है और इसकी वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। इस संबंध में यात्रियों ने क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी (आरटीए) को शिकायत दी है, जिसके बाद विभाग ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
शिकायतकर्ताओं प्रवेश, मनोज, दीपक शर्मा, बलबीर, प्रदीप, राजपाल और रामकुमार ने बताया कि रूट नंबर 133 की बसें कैथल से निसिंग वाया रसीना, बस्तली जाने के लिए निर्धारित हैं, लेकिन संचालक इन्हें सिर्फ पूंडरी तक ही चलाते हैं। ऐसी नौ निजी बसों के खिलाफ शिकायत दर्ज की गई है।
आरोप लगाए गए हैं कि यात्रियों, खासकर छात्राओं को पूंडरी में ही उतार दिया जाता है, जिसके बाद उन्हें निसिंग जाने के लिए दूसरी बस लेनी पड़ती है। इससे न सिर्फ परेशानी बढ़ रही है, बल्कि यात्रियों के साथ धोखा भी हो रहा है।
मिलीभगत से चल रहा खेल
शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया कि यह सब कुछ अधिकारियों की मिलीभगत से चल रहा है। सरकार ने यात्रियों की सुविधा को देखते हुए करनाल तक परमिट जारी किया, लेकिन संचालक मनमर्जी से रूट का पालन नहीं कर रहे। इसके बावजूद संबंधित अधिकारी कार्रवाई नहीं कर रहे, जबकि मामला लंबे समय से उनके संज्ञान में है। लोगों ने मांग की कि प्रशासन तुरंत हस्तक्षेप कर रूट का सही तरीके से पालन करवाए, ताकि यात्रियों को परेशानी न हो।
मामले की जांच कराई जा रही है। नियमों के विपरीत कोई संचालन नहीं किया जा सकता। यदि जांच में गड़बड़ी पाई गई तो संबंधित संचालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
-गिरीश चावला, क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी