संवाद न्यूज एजेंसी
गुहला-चीका। गुहला खंड में फिलहाल एक सरकारी नशा मुक्ति केंद्र और आठ गैर-सरकारी केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। इनके अलावा यदि कहीं और कोई केंद्र चलाया जा रहा है तो उसे अवैध माना जाएगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ऐसे अवैध केंद्रों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी, ताकि लोगों को सुरक्षित और प्रभावी इलाज उपलब्ध कराया जा सके। यह जानकारी एसडीएम कैप्टन प्रमेश सिंह ने दी।
एसडीएम ने आमजन से अपील की कि यदि कहीं अवैध रूप से कोई नशा मुक्ति केंद्र चल रहा हो, तो सूचना प्रशासन को दें। प्रशासन की ओर से नशीली दवाओं के दुरुपयोग के खिलाफ जागरूकता के लिए स्कूलों, कॉलेजों और ग्राम पंचायतों में अभियान चलाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि नशा आज की युवा पीढ़ी के लिए एक गंभीर खतरा बन चुका है। यह न सिर्फ शरीर को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि मानसिक संतुलन, पारिवारिक जीवन और सामाजिक रिश्तों पर भी बुरा असर डालता है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे नशे से दूर रहें और खेलकूद व रचनात्मक गतिविधियों में भाग लें।
उन्होंने कहा कि नशा एक ऐसी बुराई है, जिससे सिर्फ व्यक्ति ही नहीं, उसका पूरा परिवार प्रभावित होता है। इसे दृढ़ इच्छाशक्ति से छोड़ा जा सकता है। जो भी व्यक्ति नशा छोड़ना चाहता है, वह इन अधिकृत केंद्रों में जाकर विशेषज्ञ डॉक्टरों की सलाह और उपचार ले सकता है।
यहां पर हैं नशा मुक्ति केंद्र
एसडीएम ने बताया कि सरकारी नशा मुक्ति केंद्र गुहला उपमंडल अस्पताल में संचालित है। इसके अलावा आठ पंजीकृत गैर-सरकारी केंद्र निम्नलिखित हैं:
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अग्रवाल मनोरोग एवं नशा मुक्ति केंद्र, नजदीकी कॉर्पोरेशन बैंक, चीका
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अरदास अस्पताल, गांव अजीमगढ़
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श्री गुरु नानक चेतना फाउंडेशन ट्रस्ट परामर्श एवं पुनर्वास केंद्र, वार्ड नंबर 15, गुहला
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ब्राइट फ्यूचर जन कल्याण ट्रस्ट परामर्श एवं पुनर्वास केंद्र, वार्ड नंबर 12, चीका
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समर्थ नशा मुक्ति केंद्र, अजीमगढ़
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निर्वाण मनोरोग अस्पताल, चीका
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मनो आधार नशा मुक्ति केंद्र, अजीमगढ़
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दीपक नशा मुक्ति केंद्र, चीका