संवाद न्यूज़ एजेंसी
ढांड। किसान सुभाष घराडसी का कहना है कि उनकी धान की फसल का भुगतान नौ दिन बीतने के बाद भी नहीं हो सका है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार के 72 घंटे में भुगतान के दावे फेल रहे हैं।
सुभाष घराडसी ने बताया कि उसने ढांड अनाज मंडी में 6 अक्टूबर को आढ़ती के माध्यम से खरीद एजेंसी डीएफएससी को अपनी अपना धान बेचा था। बावजूद इसके नौ दिन बीत जाने के बावजूद भी आज तक उसके बैंक खाते में खरीद एजेंसी द्वारा एक भी पैसा नहीं डाला गया है। उसने बताया कि जब आढ़ती के पास जाते हैं तो वह कहता है कि उन्होंने तो धान बिक्री के बाद ऑनलाइन जे आई फॉर्म जनरेट करके आवश्यक दस्तावेजों सहित संबंधित खरीद एजेंसी के कार्यालय में जमा करवा दिए थे। उसके बाद पोर्टल पर रेडी तो लिफ्ट भी कर दिया गया था। संबंधित खरीद एजेंसी द्वारा खरीदे गए माल को दुकान से उठाकर ले गए हैं। किसान का कहना है कि खरीद एजेंसी के कार्यालय में भुगतान के लिए जाते हैं तो कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिलता। उसने कहा कि खरीद एजेंसी के कार्यालय में भुगतान के लिए चक्कर लगाकर थक चुका हूं। किसान ने आरोप लगाया है कि खरीद एजेंसी के अधिकारी जानबूझकर भुगतान के नाम पर किसानों को परेशान करने में लगे हुए हैं। उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की है कि उनकी धान का भुगतान शीघ्र करवाया जाए।
मंडी से धान लिफ्टिंग होने के बाद 48 घंटे में खाते में भुगतान भेजा जा रहा है। अगर किसी किसान का भुगतान नहीं हुआ है तो वह आढ़ती के माध्यम से हम से संपर्क कर सकता है। क्या कारण रहे होंगे तुरंत समाधान करवा कर भुगतान भिजवा दिया जाएगा। इंतजार नहीं करने दिया जाएगा। - इंस्पेक्टर नीरज, डीएफएससी खरीद एजेंसी अधिकारी