फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kaithal News: मेडिकल हाल संचालक पर हमले के विरोध में उतरा नीमा संगठन

Mon, 12 Jan 2026 01:47 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन


कलायत। कलायत स्थित कैलाश मेडिकल हाल के संचालक अमित गुप्ता पर वीरवार की रात लाठियों से किए गए हमले और 85 हजार रुपये की लूट की वारदात को लेकर अब चिकित्सकों का संगठन नीमा (नेशनल इंटीग्रेटेड मेडिकल एसोसिएशन) भी केमिस्ट एसोसिएशन और मेडिकल एसोसिएशन के समर्थन में सामने आ गया है।

कलायत नीमा संगठन ने इस घटना को महज एक व्यक्ति पर हमला नहीं, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े पूरे वर्ग की सुरक्षा पर सीधा हमला करार दिया है। नीमा संगठन के प्रधान डा. मदन परमार के नेतृत्व में डा. बाबूराम यादव, डा. सुरेश जगदेवा, डा. वीना टक्कर, डा. इंदु रवीश व डा. कुलदीप सहित अन्य पदाधिकारियों ने घटना की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए अपराधियों के विरुद्ध तत्काल, प्रभावी और निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की।
विज्ञापन


नीमा प्रतिनिधिमंडल ने स्पष्ट कहा कि यह कोई साधारण मामला नहीं है। इसकी गंभीरता को देखते हुए विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन किया जाना चाहिए, ताकि दोषियों की शीघ्र पहचान कर उन्हें कानून के कठघरे में खड़ा किया जा सके। संगठन ने दो टूक शब्दों में कहा कि यदि ऐसे मामलों में समयबद्ध और सख्त कार्रवाई नहीं होती, तो इससे अपराधियों के हौसले और अधिक बुलंद होंगे।

बैठक के दौरान नीमा पदाधिकारियों ने इस बात पर भी चिंता जताई कि इससे पहले नगर में चोरी, सड़क हादसों को अंजाम देकर फरार होने वाले वाहन चालकों और अन्य आपराधिक घटनाओं के कई मामले आज तक ट्रेस नहीं हो पाए हैं। यह स्थिति आम नागरिकों के साथ-साथ चिकित्सकों और व्यापारियों में भी असुरक्षा की भावना पैदा कर रही है, जो किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है।

नीमा संगठन के मुख्य सचेतक डा. राजेंद्र कुमार ने स्पष्ट कहा कि इस संकट की घड़ी में नीमा संगठन कलायत केमिस्ट एसोसिएशन के साथ पूरी मजबूती से खड़ा है। केमिस्ट एसोसिएशन द्वारा जो भी सामूहिक निर्णय लिया जाएगा, नीमा संगठन उसका पूरा समर्थन और सहयोग करेगा।
विज्ञापन


नीमा संगठन ने प्रशासन से मांग की है कि इस घटना को उच्च प्राथमिकता पर लेते हुए दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए, ताकि आमजन का कानून पर विश्वास बना रहे और भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें