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निक्कू वार्ड से गायब था ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर

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किसी घर में पहली ही संतान बेटा पैदा हो और दो दिन बाद ही काल का ग्रास बन जाए। वह भी उस स्थिति में, जब उसके पैदा होने पर परिवार द्वारा बधाई के नाम पर जिला अस्पताल में 3 हजार रुपये की वसूली की शिकायत दी गई हो। तो आप अंदाजा लगा सकते हैं कि उस परिवार पर क्या बीती होगी। यह वाक्या जिला अस्पताल में दिसंबर के अंतिम सप्ताह में हुआ। परिवार ने बच्चे की मौत पर इलाज में लापरवाही की शिकायत नहीं दी है। लेकिन बाल रोग विशेषज्ञ ने बधाई के लिए दी गई वसूली की शिकायत की जांच में यह खुलासा कर दिया कि निक्कू वार्ड में जिस डॉक्टर की ड्यूटी थी, वह एक बार आने के बाद रात को ड्यूटी पर नहीं आया। इस बड़ी लापरवाही पर विभाग ने दूसरी जांच बैठा दी है।
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घटनाक्रम के अनुसार साल की शुरुआत में जिला अस्पताल में एक परिवार में बेटा पैदा हुआ था। जिसकी बधाई के नाम पर स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा तीन हजार रुपये वसूले गए थे। इस बात की शिकायत पीएमओ कार्यालय में दी गई। जिसकी जांच के दौरान बताया जा रहा है कि बधाई के नाम पर वसूली गई तीन हजार रुपये की राशि तो वापस कर दी गई। लेकिन मामले की जांच के लिए डा. सुमन व डा. अनिल अग्रवाल की कमेटी का गठन कर दिया गया। इस जांच में बाल रोग विशेषज्ञ ने कमेटी को लिखित में दिया कि निक्कू वार्ड में उस रात जिस डॉक्टर की ड्यूटी थी, वह एक बार आने के बाद स्टाफ द्वारा दोबारा बुलाने पर भी नहीं आया। जबकि पूरी रात की उसकी निक्कू वार्ड में ड्यूटी थी। परिजनों ने बच्चे की हालत के बारे में स्टॉफ को बताया था। सुबह जब परिजन उनके पास बच्चे को लेकर आए, तब तक बच्चे की हालत ज्यादा बिगड़ चुकी थी और उस दिन उसकी मौत हो गई थी। उस समय बच्चे की मौत का कारण दूध का सांस की नली में चला जाना बताया गया था। इसके बाद परिजन बच्चे के शव को लेकर चले गए थे।
जिला अस्पताल में पीएमओ डा. रेनू चावला ने कहा कि बधाई के लिए नकदी लिए जाने की शिकायत मिली थी। इस शिकायत की जांच में एक डॉक्टर ने लिखकर दिया है कि निक्कू वार्ड में जिस डॉक्टर की ड्यूटी थी, वे एक बार आए थे और रात को स्टॉफ द्वारा बुलाने पर भी नहीं आए। इस बात की जांच के लिए डा. सुमन व डा. आशीष मित्तल की नई कमेटी का गठन किया गया है। जो भी रिपोर्ट आएगी, उसे आला अधिकारियों को भेज दिया जाएगा।
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