संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। एनएचएआई की ओर से चीका-यमुनानगर एक्सप्रेस-वे के निर्माण के लिए जल्द ही सर्वे करवाया जाएगा। इसके लिए संबंधित विभाग की ओर से रूपरेखा तैयार करवाई जा रही है। यह हाईवे चीका से वाया पिहोवा और कुरुक्षेत्र से निकाला जाएगा।
इसके निर्माण के बाद हरिद्वार तक का सफर पंजाब के वाहन चालकों के लिए कम हो पाएगा। इस एक्सप्रेस-वे को एक प्रकार से उत्तरी हरियाणा का नेकलेस कहा जाएगा।
गौरतलब है कि इस एक्सप्रेस-वे का निर्माण भारत माला प्रोजेक्ट 2.0 के तहत किया जाना है। वर्ष 2022 में चीका से यमुनानगर एक्सप्रेस-वे को केंद्र सरकार ने भारत माला प्रोजेक्ट में शामिल किया था। ऐसे में अभी पहले सर्वे होगा। इसके बाद निर्माण प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इस एक्सप्रेस-वे को केंद्र की तरफ से अगस्त 2022 में इसे स्वीकृति मिली थी।
उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड जाने के लिए यह प्रदेश का महत्वपूर्ण मार्ग है, इसलिए जिले के लोगों की इस मार्ग का निर्माण कार्य जल्द से जल्द शुरू करवाने की मांग है। इससे पहले जिले में तीन नेशनल हाईवे बन चुके हैं।
इनमें हिसार-चंडीगढ़ वाया कैथल, इस्माइलाबाद-नारनौंद हाईवे के अलावा भारत माला प्रोजेक्ट के तहत जम्मू से कटरा नेशनल हाईवे भी कैथल जिले की सीमा से होकर निकला है।
अब इस नए एक्सप्रेस-वे बनने के बाद जिले के चारों ओर नेशनल हाईवे बन जाएंगे। एक्सप्रेस-वे के बनने से उत्तर प्रदेश व उत्तराखंड जाने का लोगों को सीधा रास्ता तो मिलेगा ही, साथ में समय की भी बचत होगी। कई जिलों के साथ-साथ सैकड़ों गांवों और कस्बे एक दूसरे से जुड़ेंगे।
इसके निर्माण से चीका क्षेत्र पंजाब के मालवा क्षेत्र से सीधा जुड़ जाएगा और चीका में विकास के साथ-साथ व्यापारिक दृष्टिकोण से भी लाभ होगा।
प्रदेश की बड़ी मार्बल मार्केट कहे जाने वाले चीका क्षेत्र से यह मार्ग गुजरेगा तो व्यापार के क्षेत्र में भी जिले का नाम देश में रोशन होगा। इससे जिला आर्थिक स्थिति से भी सुदृढ़ होगा।
इस एक्सप्रेस-वे वर्ष 2022 को भारत माला प्रोजेक्ट में शामिल किया गया था। इसके लिए अब एनएचएआई की ओर से एक्सप्रेस-वे के निर्माण के लिए सर्वे करवाया जाएगा। इसके बाद ही इसके निर्माण को लेकर आगामी कार्यवाही शुरू होगी। इसके निर्माण के बाद यूपी और उत्तराखंड जाने वाले वाहन चालकों को सहूलियत होगी।
-वरुण कंसल, कार्यकारी अभियंता, लोक निर्माण विभाग