कैथल। खुराना रोड पर चल रहे कचरा प्रबंधन प्लांट का मामला अब एनजीटी कोर्ट में पहुंच गया है। गांव खुराना निवासी दयाल सिंह की ओर से राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) में दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए प्रधान पीठ ने हरियाणा सरकार, नगर परिषद कैथल, हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और उपायुक्त कैथल सहित संबंधित पक्षों से जवाब मांगा है।
22 जुलाई को हुई सुनवाई में नोटिस स्वीकार करते हुए अधिवक्ता ने प्रतिवादी 1, 2 और 4 जोकि हरियाणा सरकार, हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और डीसी कैथल हैं, की ओर से जवाब दाखिल करने के लिए चार सप्ताह का समय मांगा, जिसे एनजीटी ने स्वीकार कर लिया। एनजीटी ने अपने आदेश में कहा है कि याचिका पर्यावरणीय मानकों के अनुपालन से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा उठाती है। इसलिए संबंधित पक्षों से जवाब मांगा गया है। वहीं मामले में अब अगली सुनवाई 16 सितंबर 2026 को होगी।
याचिकाकर्ता दयाल सिंह ने अपनी याचिका में आरोप लगाया है कि गांव खुराना स्थित नगर परिषद की डंपिंग साइट पर करीब 80 हजार मीट्रिक टन बिना ट्रीट किया कचरा जमा है जिससे आसपास के क्षेत्र में दुर्गंध फैल रही है, वायु गुणवत्ता प्रभावित हो रही है और मक्खी-मच्छरों की समस्या बढ़ रही है। याचिका में यह भी आरोप लगाया गया है कि डंपिंग साइट का संचालन हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से आवश्यक कंसेंट टू एस्टेब्लिश और कंसेंट टू ऑपरेट लिए बिना किया जा रहा है। याचिकाकर्ता ने अपने दावों के समर्थन में 9 मई 2026 को हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से जारी एक पत्र का भी हवाला दिया है। इसके अलावा याचिका में कहा गया है कि डंपिंग साइट पर पर्यावरणीय मानकों के अनुरूप इंजीनियर्ड लाइनर, लीचेट संग्रह और उपचार प्रणाली, लैंडफिल गैस प्रबंधन, भूजल निगरानी और अन्य आवश्यक प्रदूषण नियंत्रण व्यवस्थाएं उपलब्ध नहीं हैं। साथ ही पर्यावरणीय स्वीकृति के लिए प्रस्तुत दस्तावेजों में दूरी संबंधी गलत जानकारी दिए जाने का भी आरोप लगाया गया है।
कैथल प्रशासन के लिए भी सिरदर्द बना हुआ है ये मुद्दा
खुराना रोड पर बना कचरा प्रबंधन प्लांट शुरुआत से ही विवादों में रहा है। आसपास के गांव के लोग इसके लिए अपना विरोध जताते रहे हैं। 12 जून को ग्रामीणों ने इस प्लांट पर ताला लगाते हुए धरना देना शुरू कर दिया था और बाद में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने भी इसका निरीक्षण कर नगर परिषद को नोटिस जारी कर करोड़ों रुपये का जुर्माना लगाया हुआ है। कचरा डालने के लिए ग्रामीणों और प्रशासन के बीच बातचीत हुई लेकिन बात नहीं बनी तो प्रशासन ने पुलिस बल के दम पर ताला काटकर कचरा डलवाना शुरू कर दिया था। तब से ग्रामीणों में रोष और बढ़ गया था।
क्या बोले याचिकाकर्ता...
मामले में याचिकाकर्ता दयाल सिंह खुराना का कहना है कि वर्षों इंतजार के बाद उन्होंने केस डालने का फैसला लिया। मामले में अब हरियाणा सरकार, प्रदूषण बोर्ड और डीसी से चार सप्ताह के अंदर जवाब मांगा गया है और साथ ही नगर परिषद को अगली तारीख 16 सितंबर को रिकॉर्ड के साथ पेश होना है। याचिकाकर्ता का कहना है कि उनकी जमीन कचरा प्लांट के बिल्कुल सामने है और उनके लिए जमीन से ज्यादा सेहत मायने रखती है। किसी भी मानक पर खरा नहीं उतरने और किसी भी तरह की एनओसी नहीं होने के बावजूद प्रशासन जबरदस्ती इसको चला रहा है। पुलिसबल के दम पर यहां कचरा डाला जा रहा है जो गलत है।
खुराना रोड़ पर कचरा प्लांट के विरोध में धरने पर बैठे ग्रामीण।