इमरजेंसी में जेल जाने वाले जिले के लोगों को सरकार की ओर से ताम्रपत्र देकर सम्मानित किया जाएगा। कैथल से ऐसे 28 लोग बताए गए हैं जिन्होंने इमरजेंसी के दौरान जेल में यातनाएं सही थीं। इनमें से जो लोग मर चुके हैं उनके परिजनों को यह सम्मान दिया जाएगा।
गणतंत्र दिवस पर दिए जाने वाले इस सम्मान के लिए सरकार ने सभी जिला उपायुक्तों को आदेश जारी किए हैं। इस संबंध में मंगलवार को वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से सूचना, जनसंपर्क विभाग के वित्तायुक्त एवं महानिदेशक ने निर्देश भी जारी किए।
जिले में इन 28 व्यक्तियों में से अधिकतर ने बाद में जीवन में कई बड़ी सफलताएं हासिल कीं। इनमें से प्रोफेसर, डॉक्टर सहित कई बड़े बिजनेस भी हुए हैं। जिले में आनंद गर्ग, रमेश गर्ग, जगत राम, जवाहर सिंह, भारतभूषण, बलदेव आहुजा, ज्ञान चंद, रघुनाथ गोढयल, साधू राम, दामोदर वशिष्ठ, श्याम सुंदर गोपाल, आनंद गुप्ता सहित कुल 28 ऐसे लोग बताए जा रहे हैं जिन्होंने तीन से छह माह तक जेल में बिताए थे। इस दौरान उनके परिजनों ने काफी तकलीफें सही थीं।
जेल जाने वाले स्वर्गीय साधू राम के बेटे व आरएसएस के जिला संपर्क प्रमुख श्याम सुंदर बंसल ने कहा कि उनके पिता ने जेल में कई माह बिताए थे। वह पीड़ादायक समय था। यह अच्छी बात है कि सरकार अब इन महापुरुषों को याद कर रही है।
वहीं आरएसएस के जिला प्रचार प्रमुख डॉ. मुकेश अग्रवाल ने बताया कि उन दिनों में वे रोहतक के अस्थल बोहर मेडिकल कॉलेज में पढ़ते थे। वे उस समय अंडरग्राउंड गतिविधियां चलाते थे। होस्टल में हर रोज शाखा लगाई जाती थी। उस समय वे दर्पण पत्रिका निकालते थे। उसे अधिकारियों के घरों, कोठियों में पहुंचाने की जिम्मेदारी उनके पास ही थी। यह अच्छा अवसर है कि सरकार उस समय यातनाएं सहने वाले महापुरुषों को याद कर रही है।