आरक्षण के लिए जाटों का आंदोलन आम जनता के लिए परेशानी का सबब बनता जा रहा है। जाटों ने चारों तरफ से रोड और ट्रैक जाम कर दिए हैं जिस कारण लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। जाम के कारण कैथल 14 बसों के फेरे रद्द करने पड़े, वहीं गुड़गांव जाने वाली दो बसों के रूट बदले गए। इसके अलावा एक ट्रेन दो दिन से बंद है, कैथल से गुजरने वाली एक अन्य ट्रेन का रूट बदला हुआ है। आज जाट राष्ट्रीय राजमार्ग 65 स्थित तितरम मोड़ पर जाम लगाएंगे।
हालांकि जिले में बुधवार तक जाम जैसी स्थिति नहीं थी लेकिन दूसरे जिलों में चल रहे जाम के कारण कई रूटों पर बसों और ट्रेनों का आवागमन प्रभावित हुआ है। कैथल से गुजरने वाली डीएमयू ट्रेन दो दिन से बंद है। वहीं जयपुर-चंडीगढ़ इंटरसिटी एक्सप्रेस का भी रूट बदला हुआ है। बुधवार को कैथल से कोई अन्य बड़ी ट्रेन भी नहीं गुजरी। इसके अलावा चंडीगढ़-हिसार मार्ग पर नरवाना के पास लगे जाम के कारण कैथल से हिसार व सिरसा जाने वाली 14 बसों का फेरे रद्द किए गए। यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
ये बोले लोग
यात्री सचिन ने बताया कि वह सिरसा जाना चाहता था, लेकिन बस न आने के परेशान हुई। इसी प्रकार से रामकली ने बताया कि वह सिरसा जाने के लिए बस अड्डे पर आई थी लेकिन यहां से बस नहीं गई। हिसार जा रहे यमकीत ने बताया कि हिसार किसी जरूरी काम से जाना था लेकिन आंदोलन ने उनकी परेशानी बढ़ा दी। वहीं बस अड्डे से इन क्षेत्रों के गांवों में जाने वाले विद्यार्थियों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ा। दिन भर विद्यार्थी बस अड्डे पर बसों का इंतजार करते रहे।
इस रूट के अलावा गुड़गांव जाने वाली दो बसों के रूट बदलकर उन्हें वाया पानीपत मार्ग से दिल्ली भेजा गया। जिस कारण रोहतक व जींद जाने वाले यात्रियों को सुबह के समय काफी परेशानियां हुईं। रोडवेज को बसों के फेरे रद्द होने के कारण काफी नुकसान भी उठाना पड़ रहा है।
पेट्रोल और डीजल की हो सकती है किल्लत
दूसरी ओर पेट्रोल पंप मालिक एसोसिएशन के सदस्य दरबारा नैन ने बताया कि असौदा के पास उनका गैस का डिपो है। जहां से खरखौदा व रोहतक एरिया में जाम के कारण गाड़ियां फंस गई हैं जिससे पेट्रोल व डीजल की आपूर्ति प्रभावित हो सकती है। हालांकि अब तक पेट्रोल पंपों पर तेल खत्म नहीं हुआ है। मंगलवार को गाड़ियां पहुंच गई थीं।
आज जाम लगाने का एलान
कैथल। अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के अध्यक्ष धर्मपाल छौत ने कहा कि जाटों को आरक्षण दिलवाने के लिए चल रहे आंदोलन की कड़ी में 18 फरवरी को राष्ट्रीय राजमार्ग 65 स्थित तितरम मोड़ पर जाम लगाया जाएगा। तितरम मोड़ चौराहा कैथल को चारों दिशाओं से जोड़ने का काम करता है आंदोलनकारी यहां बैठकर हरियाणा सरकार को जगाने का काम करेंगे ताकि खोखले वादों से बाहर आकर सरकार वास्तविकता के धरातल पर पहुंचकर जाटों को वादे अनुसार आरक्षण प्रदान करे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने कमेटी बनाकर इस संदर्भ में समाधान ढूंढने की जो घोषणा की थी, उसे भी अमलीजामा नहीं पहनाया गया है। स्थिति ज्यों की त्यों बनी हुई है।
आरक्षरण हमारा हक : ओमप्रकाश
अखिल भारतीय जाट सभा के प्रदेशाध्यक्ष ओम प्रकाश मान ने कहा कि आरक्षण की मांग जायज है लेकर रहेंगे। इसके लिए कोई भी कुर्बानी देनी पड़े, हम तैयार हैं। सरकार की बातों पर विश्वास नहीं रहा। इस अवसर पर प्रधान इंद्र सिंह, सुभाष बड़सीकरी, मल्लु बालू, होशियार प्योदा, राकेश बैणी, जोश, राजा व सुभाष मौजूद रहे।
बसें रद्द करना मजबूरी
बस अड्डे पर ड्यूटी इंचार्ज महेंद्र सिंह और क्लर्क हरिचंद ने बताया कि हिसार से सिरसा जाने वाली 14 बसों के फेरे रद्द किए गए हैं। इसके अलावा गुड़गांव जाने वाली दो बसों का रूट बदला है।
जाटों को नॉन जाट सीएम बर्दाश्त नहीं हो रहा : रोशन
छछरौली के पूर्व विधायक व हरियाणा नवनिर्माण सेना के प्रधान रोशन लाल आर्य ने कहा है कि जाट समाज के जो स्वयंभू नेता आरक्षण की मांग को लेकर सड़कों व रेलवे ट्रैक पर आंदोलन कर रहे हैं, उनका आंदोलन लक्ष्यहीन है। क्योंकि सुप्रीम कोर्ट ने स्वयं जाटों को आरक्षण दिए जाने से इंकार किया है, लेकिन जाट सुप्रीम कोर्ट के फैसले को नहीं मान रहे और लट्ठ के जोर पर आरक्षण लेना चाहते हैं। ऐसे लोगों के खिलाफ सरकार को देशद्रोह का मामला दर्ज करना चाहिए। रेलवे व अन्य सरकारी संपत्ति के नुकसान की भरपाई इनकी जमीन व अन्य संपत्ति को कुर्क करके की जानी चाहिए। आर्य चंडीगढ़ से दिल्ली जाते हुए कुछ समय कैथल एमपी निवास पर कार्यकर्ताओं से मिले। आर्य ने आरोप लगाया कि जाट समाज के नेताओं में असली दर्द तो हरियाणा में इस बार उनके समाज का मुख्यमंत्री नहीं बनने का है। नॉन जाट मुख्यमंत्री बर्दाश्त नहीं हो रहा है।