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उरलाना माइनर टूटा, खेतों में घुस पानी, लोगों ने लगाया जाम

Tue, 16 Feb 2016 11:36 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला/कैथ्ाल
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गांव अगौंध के पास उरलाना माइनर टूटने से खेतों में पानी भर गया। इससे लोगों की फसलों को नुकसान हुआ। मामले की सूचना देने के बाद भी सिंचाई विभाग के कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचे। गुस्साए लोगों ने चीका-खरकां मार्ग पर जाम लगा दिया। करीब ढाई घंटे के बाद अधिकारी पहुंचे और जाम खुलवाया।
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मंगलवार सुबह करीब पांच बजे कटाव आ जाने से उरलाना माइनर टूट गया। पानी साथ लगते खेतों में पानी घुस गया। ग्रामीणों ने खुद ही जेसीबी मंगवाकर मिट्टी से पाड़ को पाटने की कोशिश की, कामयाबी नहीं मिली। सूचना देने के बाद भी जब कई घंटे तक सिंचाई विभाग का कोई भी अधिकारी या कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा तो गुस्साए गांव वालों ने चीका-खरकां मार्ग पर आड़े-तिरछे वाहन खड़े करके जाम लगा दिया।

लोगों ने आरोप लगाया कि सिंचाई महकमा हर साल लाखों रुपये का बजट खर्च करके नहर की सफाई और मरम्मत का ढोंग रचता है लेकिन वास्तव में नहर की स्थिति नहीं सुधरती और पानी नहर की कमजोर दीवारों को तोड़कर बाहर निकल जाता है।
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लोगों ने बताया कि उरलाना माइनर में जगह-जगह चूहों ने अपने बिल बना रखे हैं। देखभाल के अभाव में पूरी माइनर जगह-जगह से क्षतिग्रस्त हो चुकी है। लोगों ने बताया कि पानी में उनकी फसलें डूब रही हैं।

जाम की सूचना मिलने के बाद गुहला थाने से एएसआई विजेंद्र सिंह कर्मियों के साथ मौके पर पहुंचे तथा लोगों से जाम खोलने की अपील की।  गुस्साए लोगों ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों के आने तक जाम खोलने से इंकार कर दिया। करीब दो- ढ़ाई घंटे बाद जब सिंचाई विभाग के एसडीओ व जेई मौके पर पहुुंचे और लोगों को भरोसा दिलाया कि शाम होने से पहले पहले पाड़ को मिट्टी से भर दिया जाएगा तब जाकर लोग सड़क से हटने को राजी हुए।

नुकसान की भरपाई हो : सरपंच
माइनर टूटने से करीब 50 एकड़ जमीन पर खड़ी मटर, मसूर, चना व गेहूं की फसल पानी में डूब गई। पूर्व पंच राजपाल राणा ने बताया कि पिछले महीने भी यही नहर एक स्थान से टूट गई थी और लोगों ने अपने स्तर पर प्रयास करके स्थिति को काबू किया था। उन्होंने कहा कि नहर महकमा न तब समय पर आया था और न ही इस बार। गांव के नव निर्वाचित सरपंच बिषपाल राणा ने प्रदेश सरकार से मांग की कि किसानों को हुए नुकसान की भरपाई की जाए।

पाड़ को मिट्टी डालकर बंद करने की कार्रवाई जारी है। जब तक कटाव से पानी का निकलना पूरी से बंद नहीं हो जाता तब तक गुहला का पूरा सिंचाई महकमा यही है और लोगों की संतुष्टि करवाने के बाद ही हम यहां से जाएंगे।
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सतबीर सिंह मोर, एसडीओ, सिंचाई विभाग
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