मॉडल टाउन में दो साल पहले 75 लाख रुपये की लागत से बना लाला लाजपत राय पार्क सात माह से लावारिस है। नगर परिषद ने इसकी देखभाल के लिए दी जाने वाली राशि पर रोक लगा दी है। अब इस पार्क के झूले, फव्वारे और लाइटें खराब हो चुकी हैं। अगर कुछ दिन और इसे लावारिस छोड़ा गया तो यह पार्क पूरी तरह से खंडहर में तब्दील हो जाएगा।
नगर परिषद कैथल ने जींद रोड स्थित मॉडल टाउन में करीब दो साल पहले पार्क विकसित किया था। लाला लाजपत राय के नाम से विकसित इस पार्क के निर्माण पर करीब 75 लाख रुपये का खर्च आया था। इसका शुभारंभ 15 दिसंबर, 2013 में किया गया था लेकिन जून, 2015 के बाद परिषद ने इसकी देखभाल से पल्ला झाड़ लिया। अब इसकी हालत खराब हो चली है। पार्क में सैर करने के लिए आने वाले लोगों को परेशानी होती है। मुख्य रूप से लाइटों और झूलों के खराब होने से बच्चे भी निराश हैं।
मॉडल टाउन निवासी सुभाष धरौरी, सूर्यकांत, मनोज कुमार लदाना वाले, अशोक कुमार, सूरजभान समेत अन्य ने कहा कि इस पार्क में लगे झूले भी खराब हो गए हैं। फव्वारे भी कुछ ही दिन चल पाए। डस्टबिन खराब हालत में हैं। लाइटें भी बंद पड़ी हैं। शहरवासी लाजपत सिंगला ने कहा कि पार्काें पर खर्च किए गए करोड़ों रुपये के बाद इनकी देखरेख की भी व्यवस्था होनी चाहिए। पार्क में आने वाले प्रेमचंद ने बताया कि पार्क की बुरी हालत हो चुकी है।
मॉडल टाउन के लोगों ने बताया कि वे पार्क की देखरेख के लिए ईओ नगर परिषद, एसडीएम समेत डीसी को भी शिकायत पत्र दे चुके हैं लेकिन इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा।
नगर परिषद द्वारा जून, 2015 तक इस पार्क की देखरेख के लिए 45-46 हजार रुपये की राशि दी जाती थी जिसके तहत नियुक्त कर्मी इसकी देखरेख करते थे लेकिन जून, 2015 के बाद यहां दी जाने वाली रखरखाव की राशि पर प्रतिबंध लगा दिया गया। इस कारण मॉडल टाउन एसोसिएशन को अपने स्तर पर इसकी देखभाल करनी पड़ती है लेकिन सीमित संसाधन होने के कारण पार्क अब बदहाल हो चला है। एसोसिएशन द्वारा इतने बड़े पार्क की देखभाल करना असंभव है।
मुकेश गर्ग, प्रधान मॉडल टाउन एसोसिएशन, जींद रोड कैथल।
मैं अभी चंडीगढ़ में मीटिंग में हू। कैथल आकर ही कुछ बता पाऊंगा
ईओ नगर परिषद, एसके गोयल।