सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के बावजूद लोग मैरिज रजिस्ट्रेशन में रुचि नहीं ले रहे हैं। केवल विदेश जाने वाले दंपति या फिर किसी सरकारी कार्य में आवश्यकता पड़ने पर ही विवाह पंजीकरण हो रहे हैं। पिछले आठ साल में कैथल शहर के 980 लोगों ने ही मैरिज का रजिस्ट्रेशन नगर परिषद कार्यालय में करवाया
केवल चार स्थितियों में करवा रहे हैं रजिस्ट्रेशन
शहर वासी केवल तभी रुचि ले रहे हैं जब उनको इसकी जरूरत होती है। 1. विदेश जाने के लिए पासपोर्ट बनाने में मैरिज रजिस्ट्रेशन करवाना पड़ता है। 2. बैंक में ज्वाइंट अकाउंट खोलने के लिए। 3. ट्रांसफर रुकवाने व करवाने के लिए मैरिज रजिस्टेशन करवा रहे हैं। 4. सैनिकों को मिलने वाले लाभ को अपनी पत्नी को देने के लिए रजिस्ट्रेशन करवाया जा रहा है। इसके अलावा नगर परिषद कार्यालय में कोई केस मैरिज रजिस्ट्रेशन का नहीं आ रहा है।
सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी किए गए हैं आदेश
विदित रहे कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा इस संबंध में आदेश जारी किए गए हैं कि विवाह के बाद उसका पंजीकरण करवाया जाना अनिवार्य है।
मैरिज रजिस्ट्रेशन का यह है नियम
अगर कोई व्यक्ति शादी के 90 दिन के अंदर कोई रजिस्ट्रेशन करवाता है तो मैरिज रजिस्ट्रेशन प्रमाण-पत्र सात दिन में मिल जाता है। अगर 90 दिन के बाद मैरिज रजिस्ट्रेशन करवाना चाहता है तो उस स्थिति में एसडीएम की अनुमति लेनी पड़ती है। एसडीएम अनुमति देने में कितना भी समय ले सकता है। अगर मैरिज रजिस्ट्रेशन एक साल के बाद करवाना है, तो उस स्थिति में डीसी की अनुमति लेनी पड़ती है। डीसी की अनुमति के बाद ही मैरिज रजिस्ट्रेशन किया जाता है।