गावं बीरबांगड़ा से एक व्यक्ति अपने दो बच्चों, पत्नी व मां के साथ जहर लेकर लघु सचिवालय स्थित डीसी कार्यालय में पहुंच गया। जहां उसने मारपीट के मामले में कार्रवाई न होने पर जहर खाकर परिवार सहित आत्महत्या की चेतावनी दी। बाद में डीसी के एक दिन में कार्रवाई के आश्वासन के बाद ही व्यक्ति अपनी घायल पत्नी को लेकर जिला अस्पताल वापिस लौटा।
गांव बीरबांगड़ा निवासी सुरेंद्र सिंह ने बताया कि 5 अक्तूबर को उसके पड़ोसियों ने घर पर उसकी पत्नी रानी पर हमला कर उसे घायल कर दिया था। उस समय उसकी पत्नी घर में ही अकेली थी। इन आरोपियों ने इससे पूर्व गली में उसका रैंप भी उखाड़ दिया था।
5 अक्तूबर से ही उसकी पत्नी जिला अस्पताल में दाखिल है। उसकी हालत काफी खराब ह।ै इस संबंध में उसने पुलिस थाने में शिकायत दी थी। लेकिन आज तक कोई सुनवाई नहीं हुई। आरोपी अभी भी उन्हें धमकी दे रहे हैं कि वे उन पर छेड़छाड़ के आरोप में झूठा केस दर्ज करवा देंगे। जिस कारण वह परिवार सहित बुरी तरह से आहत है। वीरवार को वह एसपी कृष्ण मुरारी से मिलने के लिए आया था।
जहां एसपी ने भी उल्टा मरीज को उठाकर यहां लाए जाने को ठीक नहीं बताया। जिस कारण मजबूरन उसे डीसी से मिलना पड़ा। डीसी ने इस संबंध में राजौंद थाना प्रभारी को कार्रवाई के लिए निर्देश दिए हैं। साथ ही एक दिन में मामले में आवश्यक कार्रवाई का भी आश्वासन दिया है।
सुरेंद्र ने बताया कि यदि उसके परिवार की सुनवाई नहीं हुई तो वह अपने बच्चों मनप्रीत व कमल सहित अपनी पत्नी रानी व मां चलती देवी के साथ मिलकर डीसी कार्यालय के बाहर जहर खाकर जान दे देगा।
वहीं डीसी के मकरंद पांडुरंग ने कहा कि मामले में राजौंद थाना प्रभारी को उचित कार्रवाई के लिए कहा गया है। पीड़ित के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। साथ ही उसे आत्महत्या जैसा कदम न उठाने के बारे में भी कहा गया है। आत्महत्या किसी मामले का समाधान नहीं होती।