कलायत। उपमंडल के गांव दुब्बल के एक तालाब में ग्रामीणों ने रविवार रात्रि करीब रात दस बजे भ्रूण देखकर पुलिस को सूचना दी। इसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और भ्रूण को कैथल के नागरिक अस्पताल पहुंचाया। सोमवार को उसका पोस्टमार्टम करवा कर अंतिम संस्कार कर दिया गया।
गांव दुब्बल के सरपंच सुखदेव सिंह ने बताया कि रविवार रात्रि करीब 10 बजे उनके पास गांव के ही एक युवक का फोन आया कि गांव के गोगा मैडी के पास चढ़ाई वाला तालाब में एक नवजात का भ्रूण मिला है। वे तत्काल मौके पर पहुंचे और भ्रूण को पानी से बाहर निकाला। भ्रूण नवजात कन्या का था जिसे जन्म देते ही मारने के इरादे से तालाब में फेंक दिया गया। ये तालाब में कब फेंका गया, इस बारे में स्थिति स्पष्ट नहीं है, लेकिन पानी में होने के कारण भ्रूण फूला हुआ था। अंदाजा लगाया जा रहा है कि भ्रूण करीब सात माह का होगा। पुलिस की तरफ से मामले में इस अवधि के दौरान की गर्भवती महिलाओं का डाटा भी जुटाने का प्रयास किया जा रहा है ताकि पता लगाया जा सके कि किसने भ्रूण फेंका है। संवाद
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थाना प्रभारी बलबीर सिंह ने बताया की सूचना मिलते ही पुलिस मौका पर पहुंच गई और आवश्यक कार्यवाही को पूरा कर नवजात कन्या भ्रूण के शव को जिला अस्पताल पहुंचाया। जहां उसका आज पोस्टमार्टम करवा कर अंतिम संस्कार करवा दिया गया। उन्होंने बताया की बीएनएस की धारा 94 के तहत एफआईआर दर्ज कर ली गई है और पुलिस की जांच जारी है। मानवता को तार तार कर देने वाली इस घटना के बाद गांव में स्तब्धता का माहौल है और लोग तरह तरह के कयास लगा रहे हैं।