संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। विधानसभा चुनाव के चलते इस बार मौलिक शिक्षा विभाग की ओर से आयोजित होने वाले बाल रामायण कार्यक्रम के आयोजन को लेकर संशय बना था। ऐसे में इस कार्यक्रम रद्द होने की संभावना बन रही बताई जा रही थी, लेकिन यह कार्यक्रम रद्द नहीं हुआ। अब इस कार्यक्रम के आयोजन को लेकर शेड्यूल जारी हो गया है।
शिक्षा विभाग के मुख्यालय की ओर से बाल रामायण के आयोजन के संबंध में अब पत्र जारी कर दिया गया है। अब स्कूलों में इस कार्यक्रम का आयोजन सात अक्तूबर से शुरू होगा और 12 अक्तूबर तक जारी रहेगा। हालांकि अभी तक अधिकतर अध्यापकों की ड्यूटी चुनाव में लगी है। ऐसे में स्कूलों में होने वाले कार्यक्रम की तैयारी करवाना भी काफी मुश्किल हो सकता है।
यह होता है आयोजन ः शिक्षा विभाग की ओर से दशहरा पर्व के उपलक्ष्य में स्कूलों में बाल रामायण का कार्यक्रम आयोजित करवाया जाता है। इसमें पहली से आठवीं तक के राजकीय विद्यालयों के विद्यार्थियों की ओर से रामलीला का मंचन किया जाता है। रामायण के सभी पात्रों की भूमिका बच्चे ही निभाते हैं। जबकि रामलीला का संवाद शिक्षक तैयार करते हैं।
गौरतलब है कि शिक्षक इन दिनों चुनावी ड्यूटी में व्यस्त हैं। दूसरी ओर इस बार 12 अक्तूबर को दशहरा पर्व मनाया जाना है। निपुण हरियाणा के तहत जिले के राजकीय प्राथमिक विद्यालयों में रामलीला का मंचन किया जाता है। इसमें स्कूल के बच्चे श्रीराम, सीता सहित रामायण के अन्य पात्रों का किरदार निभाते हैं।
उल्लेखनीय है कि माना जा रहा था शिक्षकों की चुनाव ड्यूटी से ये कार्यक्रम आयोजित नहीं हो सकेंगे। दरअसल, आठ अक्तूबर तक वे चुनाव के काम से मुक्त नहीं हो सकेंगे, तभी तिथि पर संशय उत्पन्न हो गया था।
नई शिक्षा नीति के तहत स्कूलों में बाल रामायण करवाई जाती है। इस बार यह कार्यक्रम सात अक्तूबर से शुरू करने के निर्देश शिक्षा विभाग के मुख्यालय की ओर से जारी कर दिए गए हैं।
- सरोज कुमारी, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, कैथल।