संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। नए शैक्षणिक सत्र की तैयारियों के बीच जिले के स्कूलों में एक सराहनीय पहल देखने को मिल रही है। 1 अप्रैल से शुरू होने वाले नए सत्र को ध्यान में रखते हुए विद्यार्थी अपनी पुरानी किताबें स्कूलों में जमा करा रहे हैं, ताकि ये पुस्तकें जरूरतमंद बच्चों के काम आ सकें और पढ़ाई बिना किसी व्यवधान के जारी रह सके।
शिक्षा विभाग और स्कूल प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि नई किताबों का स्टॉक 15 अप्रैल तक उपलब्ध होने की संभावना है। ऐसे में शुरुआती दिनों में पढ़ाई पुरानी किताबों के माध्यम से ही संचालित की जाएगी। सत्र समाप्त होते ही वरिष्ठ कक्षाओं के छात्र अपनी पुरानी पुस्तकें विद्यालय में जमा कर रहे हैं, जिन्हें व्यवस्थित कर ‘बुक बैंक’ के रूप में तैयार किया जा रहा है।
शिक्षकों का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य न केवल संसाधनों का समुचित उपयोग करना है, बल्कि विद्यार्थियों में सहयोग और साझा करने की भावना को भी विकसित करना है। कई छात्र स्वेच्छा से अपनी किताबें जूनियर विद्यार्थियों को भेंट कर रहे हैं, जिससे नए सत्र के आरंभिक दिनों में पढ़ाई प्रभावित नहीं होगी।
शिक्षा विभाग के अनुसार नई किताबों की छपाई और वितरण प्रक्रिया अंतिम चरण में है और उम्मीद है कि 15 अप्रैल तक सभी विषयों की पुस्तकें स्कूलों में पहुंच जाएंगी। तब तक शिक्षक पुरानी किताबों के आधार पर ही पाठ्यक्रम की शुरुआत करेंगे। इससे कागज की बचत के साथ-साथ उन अभिभावकों को भी राहत मिलेगी, जो नई किताबों पर तुरंत खर्च करने में असमर्थ हैं।
बुधवार पहली अप्रैल से स्कूलों में नया शैक्षणिक सत्र शुरू हो रहा है और पहले दिन से ही कक्षाओं का संचालन सुचारू रूप से करने के निर्देश जारी किए गए हैं।
स्कूल प्रबंधन ने अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने बच्चों को पुरानी किताबों के साथ स्कूल भेजें, ताकि पढ़ाई समय पर शुरू हो सके।
जिला शिक्षा अधिकारी सुभाष ने बताया कि फिलहाल विद्यार्थियों को पुरानी किताबें उपलब्ध करवाई जा रही हैं और नई किताबें 15 अप्रैल तक मिलने की संभावना है।