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Kaithal News: रक्त जांच की नई मशीनें जल्द

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संवाद न्यूज एजेंसी
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कैथल। स्वास्थ्य विभाग की ओर से उपमंडल स्तर पर स्थापित गुहला व कलायत के सरकारी अस्पताल में रक्त जांच की पूर्णतया ऑटोमैटिक मशीन लगाई जाएंगी। इसके लिए विभाग के मुख्यालय से अनुमति मिल गई है। इन मशीनों के लगने के बाद कलायत व गुहला से मरीजों को अब कैथल नहीं आना पड़ेगा।

गौरतलब है कि इस समय रक्त की हर प्रकार की जांच के लिए मरीजों को कैथल आना पड़ता है। यह मशीनें करीब 50 लाख रुपये की लागत से लगाई जाएंगी। इन मशीनों से एक समय में 500 मरीजों के रक्त के सैंपलों की जांच हो सकेगी। मार्च माह से मरीजों को इसका लाभ मिलना शुरू होने जाएगा। मशीन के लगने से जहां समय की बचत होगी। वहीं, सैंपल का परिणाम और अधिक सटीक होगा।
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गुहला व कलायत के उपमंडल नागरिक अस्पताल की लैब में अभी केवल 50 मरीजों की जांच के लिए ही छोटी मशीन लगी है। ऐसे यहां आने वाले मरीजों अपने रक्त की जांच रिपोर्ट देरी से मिलती है। सुबह सैंपल देने के बाद उन्हें दोपहर बाद तक रिपोर्ट मिल पाती है। ऐसे में काफी मरीज वे होते हैं जो अगले दिन अपनी रिपोर्ट लेकर जाते हैं। उनको अब ज्यादा लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। यह सुविधा जल्द बेहतर होगी।

उल्लेखनीय है कि ऑटोमेटिक मशीन के जरिये जहां एक घंटे में पांच सैंपलों की जांच होती है वहीं फुली ऑटोमेटिक मशीन से जांच का दायरा बढ़ जाएगा। इसमें एक साथ 50 से ज्यादा सैंपल की जांच होगी। बायोकेमिस्ट्री जांच में एक मरीज के सैंपल में तीन से चार बीमारियों की जांच होती है।

ये होती है बायोकेमिस्ट्री में मुख्य जांच ः बायोकेमिस्ट्री जांच में मुख्य रूप से एलएफटी, केएफटी, सोडियम, पोटाशियम, लिपिड प्रोफाइल, कैल्शियम, प्रोटीन, इलेक्ट्रोलाइट। बताया गया है कि अगर कोई मरीज प्राइवेट लैब मेंं यह जांच कराता है तो उसे इन जांच के लिए 2500 से 3000 हजार रुपये तक खर्च करने पड़ते हैं, लेकिन सरकारी अस्पताल में ये सभी जांच निशुल्क होती हैं।
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गुहला व कलायत के सरकारी अस्पताल की लैब में पहले से सेमी ऑटोमेटिक मशीन के माध्यम से सैंपल लिए जा रहे हैं। अब जल्द ही बायोकेमिस्ट्री जांच से संबंधित कार्य फुली ऑटोमेटिक मशीन के माध्यम से किया जाएगा। मशीन लगाने के लिए मुख्यालय से स्वीकृति मिल चुकी है। अब इसे जल्द ही अस्पताल में लगाया जाएगा, जिसका लाभ मरीजों को मिलेगा।- डॉ. रेनू चावला, सिविल सर्जन, कैथल।
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